Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Aug, 2026 06:45 AM

केरल के वायनाड जिले में कल्पेट्टा के पास एक छोटे से गांव चेन्नालोड में रहने वाला एक परिवार जो कभी रोजाना सिर्फ 10 रुपये में अपना गुजारा करता था। परिवार की माली हालत इतनी खराब थी कि बच्चों को पढ़ाना लिखाना नामुमकिन सा लगता था। इस परिवार का सबसे बड़ा...
वायनाड: केरल के वायनाड जिले में कल्पेट्टा के पास एक छोटे से गांव चेन्नालोड में रहने वाला एक परिवार जो कभी रोजाना सिर्फ 10 रुपये में अपना गुजारा करता था। परिवार की माली हालत इतनी खराब थी कि बच्चों को पढ़ाना लिखाना नामुमकिन सा लगता था। इस परिवार का सबसे बड़ा बेटा, जो छठी क्लास में फेल हो गया, उसने अपने पिता के साथ कॉफ़ी बागान में कुली का काम करना शुरू कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आज वही लड़का भारत और दुनिया के कई देशों में मशहूर कंपनी iD Fresh Food का फाउंडर और सीईओ है, जिसका सालाना कारोबार 681 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच चुका है।
इस सब के पीछे मुस्तफ़ा के टीचर का हाथा था जिन्होंने मुस्तफ़ा के पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्चा उठाया। एक दिन टीचर ने उन्हें देखा, उनके माता-पिता को उन्हें वापस स्कूल भेजने के लिए मनाया और उनकी किताबों का खर्च भी उठाया। मुस्तफ़ा वापस स्कूल गए, क्लास में टॉप किया, NIT कालीकट और बाद में IIM बैंगलोर में पढ़ाई की। कई साल बाद, विदेश में काम करने के बाद जब वह भारत लौटे और अपने कज़िन्स के साथ iD फ्रेश फ़ूड शुरू किया। आज यह कंपनी का सालाना रेवेन्यू 681 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है। यह पोस्ट X पर शेयर किया गया था।
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, मुस्तफ़ा ने सॉफ़्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया और विदेश में नौकरियां कीं। लेकिन 2005 में, वे बेंगलुरु लौट आए और अपने चार कज़िन्स - अब्दुल नाज़ेर, शम्सुद्दीन TK, जाफ़र TK और नौशाद TA - ने बेंगलुरु में 50 स्क्वेयर फ़ीट की एक छोटी सी रसोई से कंपनी शुरू की। उनका पहला प्रोडक्ट ताज़ा इडली और डोसा बैटर था। मकसद था कि शहरी घरों तक बिना किसी केमिकल या प्रिजर्वेटिव के शुद्ध और ताजा बैटर पहुंचाना। 2006 में पहली सेल के बाद कंपनी ने तेजी से ग्रोथ की। आज यह कंपनी इडली-डोसा बैटर के अलावा पराठे, पनीर, दही, सांभर, चटनी और फिल्टर कॉफी जैसे कई रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स बनाती है।
iD Fresh Food आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि UAE, UK, US, सऊदी अरब, ओमान, कतर, आयरलैंड और सिंगापुर जैसे इंटरनेशनल मार्केट में काम करती है। वित्त वर्ष 2025 (FY25) में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 22% बढ़कर 681.38 करोड़ हो गया, जो पिछले साल 557.85 करोड़ था। कंपनी ने 50.75 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जिसमें एक बार का टैक्स क्रेडिट भी शामिल है इसके बाजवूद असल प्रॉफ़िट लगभग 26 करोड़ था।