Edited By Purnima Singh,Updated: 25 Jul, 2026 02:09 PM

उत्तराखंड के ऋषिकेश में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर प्रशासन से...
ऋषिकेश : उत्तराखंड के ऋषिकेश में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर प्रशासन से परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके लिए वर्षों पुराने पेड़ों की बलि देना उचित नहीं होगा।
'विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलें'
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सड़कों का विस्तार आवश्यक है, लेकिन ऐसी तकनीकी योजना तैयार की जानी चाहिए जिससे यातायात भी बेहतर हो और अधिक से अधिक पेड़ों को बचाया जा सके। उनका मानना है कि हरियाली किसी भी शहर की प्राकृतिक पहचान होती है और इसे संरक्षित रखना भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया पर भी मिला व्यापक समर्थन
पेड़ों की कटाई के विरोध में हुए इस प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में अपनी राय रख रहे हैं और प्रशासन से विकास तथा प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी विकास और सड़क निर्माण की योजनाओं में पर्यावरणीय प्रभाव का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। यदि डिजाइन में बदलाव या वैकल्पिक मार्ग संभव हो तो पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखा जा सकता है। उनका कहना है कि बड़े और पुराने पेड़ों की भरपाई केवल नए पौधे लगाने से तुरंत संभव नहीं होती, क्योंकि परिपक्व पेड़ स्थानीय जैव विविधता और वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क परियोजना पर स्थानीय लोगों, विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के साथ व्यापक चर्चा की जाए ताकि ऐसा समाधान निकले जो विकास की जरूरतों को भी पूरा करे और पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी मजबूत बनाए।