Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Aug, 2026 08:48 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहे सैन्य हेलिकॉप्टर मरीन वन और एक कमर्शियल पैसेंजर प्लेन के बीच हवा में दूरी बेहद कम होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। वॉशिंगटन के ऊपर घटी इस घटना की अमेरिकी अधिकारी अब जांच कर रहे हैं। हालांकि व्हाइट...
वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहे सैन्य हेलिकॉप्टर मरीन वन और एक कमर्शियल पैसेंजर प्लेन के बीच हवा में दूरी बेहद कम होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। वॉशिंगटन के ऊपर घटी इस घटना की अमेरिकी अधिकारी अब जांच कर रहे हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को कभी कोई खतरा नहीं था।
वहीं अमेरिकी अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा एक मिलिट्री हेलिकॉप्टर वॉशिंगटन के ऊपर एक पैसेंजर जेट के बहुत करीब आ गया था। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के साथ बातचीत में गड़बड़ी के बाद 'मरीन वन' अमेरिकी राजधानी के ऊपर एक पैसेंजर प्लेन के एक मील से भी कम दूरी पर आ गया था।
नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने कहा कि वह 4 अगस्त को DCA (वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट) से उड़ान भरने वाले एक कमर्शियल एयरक्राफ्ट और 'मरीन वन' के बीच सुरक्षित दूरी कम होने (loss of separation) की घटना की फिलहाल जांच कर रहा है।
वहीं अमेरिकी एविएशन रेगुलेटर FAA ने कहा कि दूरी कम होने की घटना के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर कमर्शियल पायलट और 'मरीन वन' के पायलट, दोनों के संपर्क में था। उसने आगे कहा, राष्ट्रपति को कभी कोई खतरा नहीं था। हम घटना की समीक्षा जारी रखेंगे और अपनी जांच के आधार पर कोई भी उचित सुधारात्मक कदम उठाएंगे।
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बता दें कि यह घटना दोपहर करीब 2:30 बजे (1830 GMT) हुई। रिपोर्ट के मुताबिक उसी समय अमेरिकन एयरलाइंस की सब्सिडियरी कंपनी 'एनवॉय एयर' का एम्ब्रेयर E-170 विमान उड़ान भर रहा था। हेलिकॉप्टर एंड्रयूज एयर फोर्स बेस जा रहा था जहां से ट्रंप कैलिफोर्निया जाने के लिए अपने प्रेसिडेंशियल एयरक्राफ्ट में सवार हुए। अमेरिकन एयरलाइंस और 'मरीन वन' का संचालन करने वाली US मरीन कॉर्प्स ने टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।