मार्क जुकरबर्ग ने डीपफेक कंटेंट और गलतियों पर मांगी माफी

Edited By Updated: 05 Aug, 2026 05:48 PM

mark zuckerberg apologized for deepfake content and errors

फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक पोस्ट को हटाए जाने के मामले में सरकार द्वारा हाल ही में समन जारी किए जाने के बाद कंपनी की वैश्विक टीम ने बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद...

नेशनल डेस्क : फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक पोस्ट को हटाए जाने के मामले में सरकार द्वारा हाल ही में समन जारी किए जाने के बाद कंपनी की वैश्विक टीम ने बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद मेटा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने बाल शोषण सामग्री, डीपफेक और मंच के संचालन में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा टीम को स्पष्ट कर दिया गया है कि वे 'मध्यस्थ' की परिभाषा के तहत नहीं आते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया मंच यह तय करता है कि सामग्री किसे मिलेगी होगी, इसलिए आईटी अधिनियम (आईटी कानून) के तहत 'सेफ हार्बर' (सुरक्षित ठिकाना संरक्षण) का नियम उन पर लागू नहीं होता है। उन्होंने बताया कि मेटा टीम ने स्वीकार किया कि एक विशेष प्रकार की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारा पैसा दिया गया था। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगी और खेद व्यक्त किया।

वैश्विक मामलों के अधिकारी जोएल काप्लान सहित मेटा टीम ने बुधवार को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और आईटी सचिव एस कृष्णन के साथ भी अलग से बैठक की। यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय युवाओं को संबोधित करने और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा करने वाली फेसबुक पोस्ट पर मंच ने अस्थायी रूप से हटा दिया था, जिसके बाद सरकार ने मेटा के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को तलब किया था।

अमेरिका स्थित सोशल मीडिया दिग्गज ने इस घटना को एक तकनीकी खराबी बताते हुए माफी मांगी थी, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को ''अपर्याप्त'' पाया था। फेसबुक का स्वामित्व रखने वाली कंपनी ने कहा था कि सामग्री ''गलती से'' हटा दी गई थी और बाद में उसे मंच पर बहाल कर दिया गया था। मेटा इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों में बाल यौन दुर्व्यवहार सामग्री (सीएसएएम) के मुद्दे को लेकर भी नियामकीय जांच के घेरे में रही है, और सरकार ने पिछले महीने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया दिग्गज को नोटिस भी थमाया था।

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