Edited By Mehak,Updated: 25 Jan, 2026 04:29 PM

मौसम बदलने या सर्दी-जुकाम में आवाज का बदलना आम है, लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बदली हुई आवाज थायरॉयड विकार, वोकल कॉर्ड की समस्या या गले के कैंसर का संकेत हो सकती है। अगर आवाज 7...
नेशनल डेस्क : मौसम बदलने, सर्दी-जुकाम या गले में हल्की खराश के दौरान आवाज का बैठ जाना या भारी लगना आम बात है। अक्सर यह परेशानी कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाती है। लेकिन अगर लंबे समय से आवाज में बदलाव बना हुआ है और घरेलू उपाय या दवाइयों से भी सुधार नहीं हो रहा, तो इसे हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, आवाज में लगातार बदलाव कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है।
थायरॉयड की बीमारी से जुड़ा हो सकता है आवाज का बदलाव
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, Hypothyroidism यानी Underactive thyroid की स्थिति में आवाज से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इस बीमारी में थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे शरीर की कई प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। कुछ मरीजों में शुरुआती लक्षण के रूप में आवाज भारी होना, कर्कश लगना या पहले जैसी साफ न रहना महसूस किया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आवाज में बदलाव थायरॉयड की समस्या की शुरुआती पहचान में मदद कर सकता है।
आवाज में दिखें ये संकेत तो रहें सतर्क
डॉक्टरों के अनुसार, थायरॉयड से जुड़ी परेशानी में आवाज रफ हो सकती है, धीरे निकलने लगती है या बोलने पर जल्दी थकान महसूस होती है। कई बार बोलते समय गले में भारीपन और खराश जैसी समस्या भी रहती है। थायरॉयड हार्मोन की कमी से शरीर की गतिविधियां धीमी हो जाती हैं, जिसका असर तंत्रिकाओं और वोकल कॉर्ड्स पर भी पड़ता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
Hypothyroidism के शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, वजन तेजी से बढ़ना और मेटाबॉलिज्म का धीमा होना शामिल है। इसके अलावा ज्यादा ठंड लगना, कब्ज, त्वचा का रूखा होना, मांसपेशियों में कमजोरी, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, जोड़ों में दर्द या जकड़न, पीरियड्स में अनियमितता, बालों का झड़ना और दिल की धड़कन का धीमा होना भी इसके संकेत हो सकते हैं।
गंभीर बीमारियों का भी हो सकता है संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि आवाज में बदलाव सिर्फ थायरॉयड तक सीमित नहीं होता। अधिक आवाज का इस्तेमाल, वोकल कॉर्ड्स में गांठ, गले का संक्रमण या वॉइस बॉक्स का कैंसर भी इसकी वजह हो सकता है। कई मामलों में गले का कैंसर सबसे पहले आवाज खराब होने के रूप में सामने आता है। अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए, तो आधुनिक इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
कब दिखाएं डॉक्टर को
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर आवाज 7 दिन या उससे ज्यादा समय तक ठीक न हो, तो ENT या वॉइस स्पेशलिस्ट से जांच जरूर करानी चाहिए। शुरुआती जांच से बीमारी के सही कारण का पता चलता है और समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है, जिससे गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।