Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 26 Mar, 2026 08:54 PM

Chhatrapati Sambhajinagar जिले में पेट्रोल पंपों पर पिछले कुछ दिनों से असामान्य भीड़ देखने को मिल रही थी। हालात को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत एक अस्थायी नियम लागू किया है।
नेशनल डेस्क: Chhatrapati Sambhajinagar जिले में पेट्रोल पंपों पर पिछले कुछ दिनों से असामान्य भीड़ देखने को मिल रही थी। हालात को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत एक अस्थायी नियम लागू किया है। अब दोपहिया वाहनों में सिर्फ 200 रुपये तक और चार पहिया वाहनों में अधिकतम 2000 रुपये तक ही पेट्रोल या डीजल भरवाया जा सकेगा।
ईंधन की कमी नहीं, अफवाहों से बिगड़ी स्थिति
जिला आपूर्ति विभाग ने साफ किया है कि इलाके में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर फैल रही कमी की खबरें पूरी तरह गलत हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने से बचें।
वैश्विक तनाव का असर, लोगों में डर का माहौल
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण लोगों के बीच ईंधन संकट को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी वजह से कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। इससे अचानक लंबी कतारें लग गईं और व्यवस्था प्रभावित होने लगी।
बोतल और कैन में तेल भरने पर सख्त रोक
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से एक और बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी पेट्रोल पंप पर बोतल या कैन में पेट्रोल-डीजल देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घरों में ईंधन स्टोर करना खतरनाक हो सकता है और इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
जरूरी सेवाओं को मिलेगी राहत
इस नई व्यवस्था में जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए ईंधन की आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा सभी पेट्रोल पंपों को अपने स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक रूप से दिखाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोगों में भरोसा बना रहे।
पंप संचालकों ने भी दी सफाई
स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों ने भी पुष्टि की है कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है और डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि समस्या केवल अफवाहों के कारण बढ़ी भीड़ की वजह से पैदा हुई है, न कि वास्तविक कमी से।
जल्द हट सकती है पाबंदी
प्रशासन का कहना है कि यह नियम सिर्फ अस्थायी है और हालात सामान्य होते ही इसे हटा लिया जाएगा। फिलहाल यह कदम सिर्फ भीड़ को नियंत्रित करने और सभी लोगों को समान रूप से ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।