Edited By Sahil Kumar,Updated: 02 Oct, 2026 12:28 PM

फ्लाई दुबई की उड़ान FZ1073 में सामने आए गंभीर संकट के दौरान विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की।
नई दिल्ली: फ्लाई दुबई की उड़ान FZ1073 में सामने आए गंभीर संकट के दौरान विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए कहा कि पूरे देश को आप पर गर्व है। पीएम मोदी ने उनका हाल पूछा और इस दौरान कैप्टन मछार ने घटना के दौरान सामने आई चुनौतियों और अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए।
पीएम मोदी से बात करते हुए पालट मच्छार भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, ''मुझसे जो हो सकता था वो मैंने किया। मैं लोगों को मरते हुए नहीं देख सकता था। मैं भले देश से दूर हूं, लेकिन संस्कृति से नहीं। मैं कठिन समय हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। मैं अपने बेटे के साथ भी हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। हो सकता है कि हम सभी को हनुमान जी ने बचाया हो।'' इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी ने कैप्टन मच्छार की पत्नी और माता-पिता से भी फोन पर बात की थी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया था कि कैप्टन मछार और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उड़ान के दौरान अचानक पैदा हुआ संकट
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 सामान्य रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान कॉकपिट में अचानक ऐसी स्थिति पैदा हो गई, जिससे विमान की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। बताया गया है कि सह-पायलट ने विमान के नियंत्रण में हस्तक्षेप किया और विमान को नीचे ले जाने की कोशिश की। इससे विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा। स्थिति को भांपते हुए कैप्टन स्मित मछार ने हस्तक्षेप किया और सह-पायलट को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद कॉकपिट में दोनों के बीच संघर्ष हुआ।
चोट लगने के बावजूद संभाला मोर्चा
संघर्ष के दौरान कैप्टन मछार गंभीर रूप से घायल हो गए। चोटों के कारण उनका काफी खून बह रहा था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने नियंत्रण बनाए रखा और स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी। कैप्टन मछार ने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोला। इसके बाद केबिन क्रू और आगे की सीटों पर मौजूद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और सह-पायलट को काबू में किया।
फ्लाइट में मौजूद दो अन्य पायलटों ने संभाला विमान
घटना के दौरान उसी विमान में यात्री के तौर पर फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलट भी मौजूद थे। स्थिति गंभीर होने पर दोनों ने कॉकपिट में पहुंचकर विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की। इसके बाद विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़ा गया। आपात स्थिति के बीच विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पीएम मोदी ने की साहस की सराहना
कैप्टन मच्छार से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संकट की घड़ी में उनके धैर्य और सूझबूझ की सराहना की। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में दिखाई गई उनकी हिम्मत उल्लेखनीय है। इससे पहले परिवार से बातचीत के दौरान भी प्रधानमंत्री ने उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था।