Edited By Parveen Kumar,Updated: 26 Aug, 2026 06:06 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस कठिन समय में नेपाल के लोगों के साथ भारत की एकजुटता जताते हुए बाढ़ प्रभावित नेपाल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया।...
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस कठिन समय में नेपाल के लोगों के साथ भारत की एकजुटता जताते हुए बाढ़ प्रभावित नेपाल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया। मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ के कारण 22 लोगों की मौत हो गई।
पड़ोसी देश में भीषण बाढ़ आने के बाद सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित अपनी सभी इकाइयों/प्रतिष्ठानों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए एसएसबी के 18 दल तैनात किये गये हैं तथा उनमें सात को तैयार रहने को कहा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि एसएसबी का यह अलर्ट कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने के अनुमान और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की संभावना के बीच जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा/करनाली एवं महाकाली नदी प्रणालियों वाले संवेदनशील जिलों पर भी अर्धसैनिक बल की नजर है। नेपाल में तिब्बत की सीमा से सटे रसुवा जिले में अचानक बाढ़ आ जाने से गांवों के बह जाने और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद लगभग 400 लोग लापता हैं। इनमें कम से कम 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय हैं।