Edited By Ramkesh,Updated: 22 Sep, 2026 03:53 PM

नागांव उपचुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई है। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
गुवाहाटी: नागांव उपचुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई है। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसे लेकर असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को दावा किया कि समागुरी इलाके में होने वाले नागांव उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच झड़प का नतीजा थी। उन्होंने विपक्षी पार्टी के राज्य नेतृत्व को सलाह दी कि वे अपने अंदरूनी मतभेदों को सुलझाएं।
सरमा का यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं - जिनमें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल थे - के काफिले पर समागुरी के बरमा इलाके में एक चुनावी बैठक में जाते समय कथित तौर पर पथराव किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे BJP समर्थक थे, जबकि पुलिस और अन्य रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि टकराव हुआ था। सरमा ने समागुरी विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस घटना को कांग्रेस के भीतर गुटबाजी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
सरमा ने कहा, "असल में, यह कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच की झड़प थी।"उन्होंने बताया कि समागुरी का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता और धुबरी लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील हुसैन करते हैं। सरमा ने पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का भी हवाला दिया और कहा कि इस क्षेत्र में कांग्रेस को 1,45,212 वोट मिले थे, जबकि BJP को 36,902 वोट मिले थे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राज्य नेतृत्व से आग्रह किया कि वे इस घटना के लिए विरोधी राजनीतिक दलों को दोषी ठहराने के बजाय अपने अंदरूनी मतभेदों की ज़िम्मेदारी लें।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के राज्य नेतृत्व को अपने अंदरूनी मतभेदों की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और आसानी से दोष दूसरों पर मढ़ने के बजाय अपने गुटों पर लगाम लगानी चाहिए।" हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि काफिले को BJP समर्थकों ने निशाना बनाया था। पार्टी का आरोप है कि उनके नेताओं की गाड़ियों पर पथराव करने से पहले काले झंडे दिखाए गए और "वापस जाओ" के नारे लगाए गए। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
यह घटना नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई, जो 6 अक्टूबर को होने वाला है। कांग्रेस ने सिबामनी बोरा को मैदान में उतारा है और वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को सड़कों पर नहीं आना चाहिए और न ही इनसे कानून-व्यवस्था बिगड़नी चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी पार्टी के भीतर की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को कभी भी सड़कों पर नहीं आने देना चाहिए और न ही इससे समाज की शांति और सद्भाव को बिगड़ने देना चाहिए।टकराव के हालात और कथित तौर पर पत्थरबाजी के लिए ज़िम्मेदारी का मामला अभी जांच का विषय है।