सरकारी योजना के चक्कर में विवाहित महिलाएं दोबारा करने लगी शादियां, ऐसे खुला राज

Edited By Updated: 11 Aug, 2026 07:26 PM

preparing to remarry to avail the benefits of a government scheme

आगरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आए आवेदनों की जांच में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। योजना का लाभ लेने के लिए 1201 युवतियों ने आवेदन किया था, लेकिन ऑनलाइन सत्यापन के बाद करीब 1000 आवेदन अपात्र पाए गए। जांच में कई ऐसी महिलाएं भी...

नेशनल डेस्क : आगरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जानकारी के अनुसार इस योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित महिलाएं दोबारा शादी करने की तैयारी में थी। योजना का लाभ उठाने के लिए 1201 युवतियों ने आवेदन किया था, लेकिन जांच के बाद करीब 1000 आवेदन अपात्र पाए गए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कुछ महिलाएं ऐसी भी थी, जिनकी शादी पहले हो चुकी थी। 

प्रशासन के अनुसार इस योजना का लाभ लेने के लिए उन महिलाओं ने भी आवेदन किया, जिनकी 4 महीने पहले शादी हुई थी, यहीं नहीं कुछ महिलाएं ऐसी भी है, जिनकी शादी को 8 महीने हो चुके थे। ऑनलाइन जांच के दौरान उनकी पहले से शादीशुदा होने की जानकारी सामने आने के बाद ऐसे आवेदनों को रद्द कर दिया गया।

ऑनलाइन सत्यापन में खुली आवेदनों की पोल

जांच के दौरान केवल पहले से शादीशुदा महिलाएं ही नहीं, बल्कि कुछ नाबालिग आवेदिकाएं भी सामने आईं। वहीं, कुछ आवेदिकाओं की सालाना आय तीन लाख रुपये से अधिक पाई गई। योजना के पात्रता नियमों के मुताबिक इन आवेदनों को भी खारिज कर दिया गया।

आगरा में इस साल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1522 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अप्रैल से आवेदन मांगे गए थे। 30 जुलाई तक कुल 1201 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन सत्यापन के बाद इनमें से करीब 1000 आवेदन पात्रता की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। फिलहाल केवल 201 आवेदिकाएं पात्र मिली हैं।

कुछ महिलाओं ने बताई अलग वजह

पहले से शादीशुदा मिली कुछ महिलाओं का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर योजना का गलत लाभ लेने के लिए आवेदन नहीं किया था। अछनेरा की एक आवेदिका ने बताया कि जब उनकी शादी की तारीख तय हुई थी, उस समय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन शुरू नहीं हुए थे। इसलिए उनकी शादी सामान्य तरीके से हो गई। बाद में योजना के तहत आवेदन शुरू होने पर उन्होंने भी आवेदन कर दिया। हालांकि, पहले से शादी हो चुकी होने के कारण सत्यापन में उनका आवेदन अपात्र घोषित कर दिया गया।

ऐसी महिलाओं ने सरकार से मांग की है कि योजना में ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे हाल ही में शादी करने वाले गरीब और पात्र परिवारों को भी मदद मिल सके, खासकर तब जब शादी के समय योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई हो।

1522 शादियों का लक्ष्य, सिर्फ 201 आवेदन पात्र

जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह के मुताबिक, योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। अप्रैल से 30 जुलाई तक प्राप्त 1201 आवेदनों का सत्यापन कराया गया, जिसमें करीब 1000 आवेदन अपात्र मिले हैं। अब पात्र आवेदकों से दोबारा आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रशासन ने 1522 जोड़ों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पंचायत सचिवों, ग्राम विकास अधिकारियों और बीडीओ को पात्र युवतियों के अधिक से अधिक आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं।

क्या मिलता है योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र जोड़े को सरकार की ओर से कुल 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये वधू के खाते में, 21 हजार रुपये विवाह सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इसी आर्थिक सहायता के कारण योजना में बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। लेकिन आगरा में सामने आए इस मामले ने आवेदन प्रक्रिया और पात्रता नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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