राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला, कहा- अहंकार नीति बन जाए तो देश को दशकों पीछे धकेल दिया जाता है

Edited By Updated: 06 Apr, 2026 01:30 PM

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉस्पेट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ... वे लोगों से और पुडुचेरी में भगवान से भी चोरी करते हैं। वे मंदिर पर कब्ज़ा करते हैं और भगवान से चोरी करते हैं।

नेशनल डेस्क: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉस्पेट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ... वे लोगों से और पुडुचेरी में भगवान से भी चोरी करते हैं। वे मंदिर पर कब्ज़ा करते हैं और भगवान से चोरी करते हैं। कानून-व्यवस्था खराब हो रही है और लोग रात में बाहर निकलने से डरते हैं।  हम बेरोजगार युवाओं को 2000 रुपये महीने की मदद देने जा रहे हैं। हम प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर में 30,000 नई नौकरियां देने जा रहे हैं। मैं कई औरतों को यहां देख रहा हूं और मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि आप बसों में मुफ़्त में सफ़र करने जा रही हैं। 

 एलपीजी की किल्लत से शहरों से मजदूरों का हो रहा पलायन 
 राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी की कथित किल्लत तथा शहरों से मजदूरों के कथित पलायन के विषय को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जब अहंकार नीति बन जाए तो अर्थव्यवस्था चरमराती है एवं देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है। उन्होंने यह दावा भी किया कि सरकार ने इस संकट को लेकर भी वही नीति अपनाई जो उसने कोविड संकट के समय अपनाई थी।

मज़दूर के पास चूल्हा जलाने तक के पैसे नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने कहा था, एलपीजी संकट को कोविड की तरह संभालेंगे। और सच में वही किया। बिल्कुल कोविड के जैसे ही नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर है।  उन्होंने कहा कि 500-800 रुपये की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है।  राहुल गांधी ने कहा, "रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हा जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा यह है कि वो शहर छोड़कर गांव की ओर भाग रहे हैं।

 मज़दूर कपड़ा मिलों और कारखानों की रीढ़ हैं
 उन्होंने कहा कि जो मज़दूर कपड़ा मिलों और कारखानों की रीढ़ हैं, आज वही टूट रहे हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया, "कपड़ा क्षेत्र पहले से आईसीयू में है। विनिर्माण दम तोड़ रहा है। और यह संकट आया कहां से? कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।

अहंकार नीति बन जाए तो अर्थव्यवस्था चरमराती है
 उन्होंने कहा कि जब अहंकार नीति बन जाए तो अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है। राहुल गांधी ने कहा, "सवाल एक ही है कि हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।


 

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