Edited By Radhika,Updated: 11 Feb, 2026 02:19 PM

लोकसभा में आज बजट पर होने वाली चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी ने स्पीच से की। राहुल गांधी ने अपनी स्पीच की शुरुआत करते हुए मार्शल आर्ट के दांव-पेंच के बारे में बात की। राहुल बोले कि लोगों का कहना है कि आज का दौर AI का है, लेकिन इससे एक खतरनाक दुनिया...
Parliament Budget Session: लोकसभा में आज बजट पर होने वाली चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी ने स्पीच से की। राहुल गांधी ने अपनी स्पीच की शुरुआत करते हुए मार्शल आर्ट के दांव-पेंच के बारे में बात की। राहुल बोले कि लोगों का कहना है कि आज का दौर AI का है, लेकिन इससे एक खतरनाक दुनिया दिख रही है। इसी बीच राहुल ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने अमेरिका इंडिया डील पर सरकार से पूछा कि हमारे अब अमेरिका करेगा?
'एपस्टीन फाइल' का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा
राहुल गांधी ने सदन में सनसनी फैलाते हुए 'एपस्टीन फाइल' का जिक्र किया। उन्होंने सीधे तौर पर पीएम की ओर इशारा करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री की आँखों में डर दिखता है, और इसकी वजह 'एपस्टीन' है।" उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। रविशंकर प्रसाद और किरेन रिजिजू ने इसे "झूठा नैरेटिव" और "गलत बयानी" करार दिया। राहुल ने आगे सवाल उठाया कि अनिल अंबानी जैसे बिजनेसमैन जेल में क्यों नहीं हैं, और इसका संबंध भी उन्होंने इन्ही फाइलों से जोड़ दिया।
अडानी समूह पर भी साधा निशाना
अडानी समूह पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि अडानी कोई साधारण कारोबारी नहीं हैं, बल्कि उनकी कंपनी बीजेपी का आर्थिक ढांचा है। उन्होंने कहा, "अडानी पर अमेरिका में केस चल रहा है, लेकिन इसका असली निशाना अडानी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी हैं।" उन्होंने रक्षा बजट में हो रही कटौती के लिए भी अडानी समूह को जिम्मेदार ठहराया।
India- US trade Deal को लेकर भी कसा तंज
राहुल गांधी ने हालिया व्यापार समझौते (Trade Deal) पर सरकार को घेरते हुए कहा कि अमेरिका का टैरिफ 3% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया, लेकिन भारत ने अपने दरवाजे अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल दिए। "क्या अब अमेरिका तय करेगा कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं? ऐसा किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। हम अमेरिका के 'सर्वेंट' (नौकर) नहीं हैं कि उनकी हर शर्त मान लें।"
डेटा और एनर्जी का 'हथियारीकरण'
विपक्ष के नेता ने चेतावनी दी कि दुनिया में अब 'सुपर पावर' का दौर खत्म हो रहा है और एनर्जी (ऊर्जा) व डेटा का 'वेपनाइजेशन' (हथियारीकरण) हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपना डॉलर बचाने के लिए भारत के डेटा की जरूरत है, लेकिन सरकार ने बिना किसी सुरक्षा के इसे सौंप दिया है। उन्होंने सवाल किया कि बजट में डेटा और भविष्य की तकनीक (AI) के लिए कोई ठोस प्रावधान क्यों नहीं है।