Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jun, 2026 10:27 AM

Adhik Maas Kala Ashtami 2026: जानें, अधिकमास कालाष्टमी 2026 की तिथि और भगवान काल भैरव की पूजा के नियम। जानें कौन सी गलतियां आपको भारी पड़ सकती हैं और किन उपायों से मिलेगी शनि-राहु के दोषों से मुक्ति।
Adhik Maas Kala Ashtami 2026: सनातन धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व है, जो हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। लेकिन इस बार की कालाष्टमी बेहद खास है क्योंकि यह अधिकमास के दौरान आ रही है। साल 2026 में ज्येष्ठ मास की यह कालाष्टमी 08 जून को मनाई जाएगी। कालाष्टमी का यह पावन दिन संकटों के नाश और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। पूरी श्रद्धा और नियमों के पालन के साथ की गई पूजा आपके जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आती है।
अधिकमास के कारण यह अवसर 3 साल में एक बार आता है, इसलिए इस दिन की गई पूजा का फल भी कई गुना अधिक मिलता है। भगवान काल भैरव की आराधना से न केवल जीवन की नकारात्मकता दूर होती है, बल्कि शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है।

कालाष्टमी के दिन न करें ये गलतियां
तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
झूठ न बोलें। नैतिक कार्यों का त्याग करें।
जो लोग इस दिन व्रत रखें इस बात का ध्यान रहे कि अन्न ग्रहण न करें लेकिन ये नियम केवल व्रत करने वाले लोगों के लिए है।
गंदगी न फैलाएं। घर की साफ़-सफ़ाई का पूरा ध्यान रखें।
भैरव जी की सवारी काला कुत्ता है इसलिए इल रोज कुत्ते को मारे नहीं। अगर संभव हो तो कुत्ते को भोजन कराएं। ध्यान रखें, जूठा भोजन न दें।
नमक का सेवन न करें, सेंधा नमक खा सकते हैं।
माता-पिता और गुरु का अपमान न करें।
कालाष्टमी पर करें ये काम
भैरवनाथ की पूजा के साथ-साथ भगवान शंकर और माता पार्वती की भी पूजा अवश्य करें।
कालाष्टमी के दिन रात में सोना नहीं चाहिए। अगर संभव हो सके जागरण करें।
कालाष्टमी के दिन भैरव बाबा के मंदिर में जाकर विशेष रूप से "ॐ क्लीं कालभैरवाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। यह मंत्र भैरव बाबा को प्रसन्न करता है और आपके शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए मददगार होता है। इसके अलावा भैरव के मंत्र "ॐ भैरवाय नमः" का भी उच्चारण करें।
कालाष्टमी पर करें ये दान
भैरव बाबा को चमड़े से बनी वस्तुएं विशेष रूप से प्रिय होती हैं। इस दिन भैरव बाबा के मंदिर में जाकर चमड़े के जूते या चप्पल का दान करें। यह उपाय आपके जीवन में आने वाली रुकावटों और शत्रुओं के प्रभाव को समाप्त करने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। यह दान भैरव बाबा के नाम से ही करें और ध्यान रखें कि दान करने के बाद आपके मन में कोई भी बुरा भाव न हो क्योंकि यह पूरी तरह से शुद्धता से जुड़ा होता है।
