Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Jan, 2026 05:37 PM

अगर आप आज से ही सही रणनीति और नियमित निवेश की आदत बना लें, तो 10 साल बाद ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना कोई असंभव सपना नहीं है। ज़्यादातर लोगों को लगता है कि इतनी बड़ी रकम सिर्फ बहुत ज़्यादा कमाने वालों के लिए ही मुमकिन है, लेकिन हकीकत यह है कि SIP यानी...
नेशनल डेस्क: अगर आप आज से ही सही रणनीति और नियमित निवेश की आदत बना लें, तो 10 साल बाद ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना कोई असंभव सपना नहीं है। ज़्यादातर लोगों को लगता है कि इतनी बड़ी रकम सिर्फ बहुत ज़्यादा कमाने वालों के लिए ही मुमकिन है, लेकिन हकीकत यह है कि SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के ज़रिए आम कमाई वाला व्यक्ति भी यह लक्ष्य हासिल कर सकता है। जरूरत है तो बस अनुशासन, धैर्य और सही प्लानिंग की।
बड़े लक्ष्य, छोटी-छोटी किस्तें
SIP की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें आपको एक साथ बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं होती। आप हर महीने एक तय राशि म्यूचुअल फंड में लगाते हैं और समय के साथ वह निवेश कंपाउंडिंग के दम पर बड़ा फंड बन जाता है। बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी SIP में संतुलित हो जाता है, क्योंकि निवेश अलग-अलग समय पर होता रहता है।
SIP आखिर है क्या?
SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) म्यूचुअल फंड में निवेश का एक आसान और अनुशासित तरीका है। इसमें निवेशक महीने या तिमाही के आधार पर एक निश्चित रकम निवेश करता है। यह तरीका उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो लंबे समय में धीरे-धीरे वेल्थ बनाना चाहते हैं, बिना अपने मासिक बजट पर ज्यादा बोझ डाले। कम रकम से शुरुआत करने की सुविधा इसे नए निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनाती है।
10 साल में ₹1 करोड़ का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर—हर महीने कितनी SIP करनी होगी?
म्यूचुअल फंड में रिटर्न फिक्स नहीं होता, लेकिन इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबे समय का औसत रिटर्न करीब 12% सालाना माना जाता है। अगर आप इसी अनुमान के साथ 10 साल की योजना बनाते हैं, तो कैलकुलेशन कुछ इस तरह बैठता है:
इस हिसाब से आपको हर महीने लगभग ₹43,050 की SIP करनी होगी। लगातार 10 साल तक यह निवेश जारी रखने पर आपका कुल फंड करीब ₹1,00,02,197 तक पहुंच सकता है।
रिटर्न बदला तो SIP भी बदलेगी
यह भी समझना जरूरी है कि अगर रिटर्न 12% से ज्यादा रहा, तो आपका लक्ष्य कम SIP में भी पूरा हो सकता है। वहीं, अगर रिटर्न इससे कम हुआ, तो आपको या तो SIP की राशि बढ़ानी होगी या निवेश की अवधि थोड़ी लंबी करनी पड़ सकती है।