Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Mar, 2026 10:40 AM

मिडल ईस्ट में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते बारूद के धुएं ने अब आम आदमी की जेब को झुलसाना शुरू कर दिया है। 3 मार्च को जब बाजार खुला, तो निवेशकों के होश उड़ गए। जंग की आशंका और वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश में हर कोई सोने की...
Gold Rate Prediction: मिडल ईस्ट में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते बारूद के धुएं ने अब आम आदमी की जेब को झुलसाना शुरू कर दिया है। 3 मार्च को जब बाजार खुला, तो निवेशकों के होश उड़ गए। जंग की आशंका और वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश में हर कोई सोने की तरफ भाग रहा है, जिसकी वजह से इसकी कीमतों ने अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
बाजार में मची खलबली: क्या हैं नए रेट?
अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर भारत के सर्राफा बाजार तक, हर तरफ सोने की चमक फीकी पड़ने के बजाय और तीखी हो गई है। वैश्विक स्तर पर सोना करीब 5,358 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा है। वहीं भारतीय बाजार (MCX) में 24 कैरेट सोने की कीमत 2.5% से ज्यादा की छलांग लगाकर 1,66,199 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। शाम होते-होते Bullion Market में यह आंकड़ा 1,67,471 रुपये के ऐतिहासिक स्तर को भी छू गया। महानगरों की बात करें तो दिल्ली और चेन्नई जैसे शहरों में भाव 17,000 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुके हैं।
आखिर क्यों लगी है कीमतों में यह 'आग'?
सोने के इस तरह 'रॉकेट' बनने के पीछे चार बड़ी वजहें काम कर रही हैं। सबसे पहले, युद्ध के समय निवेशक Share Market के जोखिम से डरकर अपना पैसा सोने में सुरक्षित मानते हैं। दूसरा, होरमुज जलडमरूमध्य से सप्लाई रुकने के डर ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। तीसरा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का डर बढ़ा दिया है, जिससे बचने के लिए सोना ही एकमात्र सहारा दिखता है। अंत में, डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया सोने के आयात को और ज्यादा महंगा बना रहा है, जिससे घरेलू कीमतें काबू से बाहर हो रही हैं।
आगे क्या? क्या और बढ़ेंगे दाम?
बाजार के जानकारों की मानें तो यह तो बस शुरुआत है। अगर ईरान और इजरायल के बीच यह तनाव कम नहीं हुआ और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो सोना बहुत जल्द 1.80 लाख रुपये (5,600 डॉलर) के स्तर को भी पार कर सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजरें युद्ध के अगले मोड़ और अंतरराष्ट्रीय फैसलों पर टिकी हैं। फिलहाल के लिए तो यही कहा जा सकता है कि सोना खरीदना अब आम आदमी के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है।