Property Alert: अब रजिस्ट्री के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर, इस राज्य में 1 अप्रैल से बदल जाएगा पूरा प्रोसेस, जानें क्या हैं नए नियम?

Edited By Updated: 08 Mar, 2026 03:46 PM

land registration rules have changed new comes into effect from april 1

अगर आप बिहार में जमीन या मकान खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। राज्य सरकार आगामी 1 अप्रैल से रजिस्ट्री की प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। अब आपको रजिस्ट्री के बाद नहीं बल्कि रजिस्ट्री से पहले ही यह पता चल जाएगा...

Bihar Land Registry Rule : अगर आप बिहार में जमीन या मकान खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। राज्य सरकार आगामी 1 अप्रैल से रजिस्ट्री की प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। अब आपको रजिस्ट्री के बाद नहीं बल्कि रजिस्ट्री से पहले ही यह पता चल जाएगा कि जमीन का असली मालिक कौन है और उस पर कोई विवाद तो नहीं है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मिलकर इस 'प्री-रजिस्ट्री वेरिफिकेशन' सिस्टम को तैयार किया है।

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क्या है नई व्यवस्था और कैसे काम करेगी?

अब तक लोग जमीन की रजिस्ट्री करा लेते थे और बाद में दाखिल-खारिज (Mutation) के समय उन्हें पता चलता था कि कागजात में गड़बड़ी है। अब इस सिरदर्द को खत्म करने के लिए ई-निबंधन पोर्टल पर एक नया विकल्प दिया जा रहा है। खरीदार और विक्रेता को सबसे पहले पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉगिन करना होगा। आवेदन के दौरान जमीन का खाता, खेसरा, जमाबंदी संख्या, रकबा (Area), थाना नंबर और चौहद्दी जैसी जानकारियां भरनी होंगी। जैसे ही आप भूमि की जानकारी का विकल्प चुनेंगे यह आवेदन सीधा आपके अंचल कार्यालय (CO Office) पहुंच जाएगा। राजस्व अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर जमीन की जांच कर अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

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विवादों पर लगेगी डिजिटल लगाम

बिहार में जमीन से जुड़े विवाद अदालतों में सबसे ज्यादा हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से:

  1. फर्जीवाड़ा रुकेगा: कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की जमीन या सरकारी जमीन को अपना बताकर नहीं बेच पाएगा।

  2. पारदर्शिता आएगी: खरीदार को अंचल कार्यालय की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पैसा देने का भरोसा मिलेगा।

  3. दाखिल-खारिज आसान होगा: चूंकि जमीन की जांच पहले ही हो चुकी होगी, इसलिए रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

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अंचल कार्यालयों के लिए बड़ी चुनौती

बिहार में रोजाना औसतन 6 से 8 हजार दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती है। 1 अप्रैल के बाद अंचल कार्यालयों पर काम का बोझ काफी बढ़ जाएगा क्योंकि उन्हें हर आवेदन पर 10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। अधिकारियों के लिए यह सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती होगी कि रिपोर्ट समय पर और सटीक हो।

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आवेदन के लिए जरूरी जानकारियां 

  • निबंधन कार्यालय और अंचल का नाम।

  • मौजा और थाना संख्या।

  • जमीन का खाता, खेसरा और जमाबंदी नंबर।

  • जमीन का प्रकार (कृषि, आवासीय या व्यावसायिक)।

  • खरीदार और विक्रेता का पूरा विवरण।

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