Edited By Parveen Kumar,Updated: 24 Apr, 2026 05:40 PM

पंजाब सरकार को उस समय करारा झटका लग गया जब 'AAP' के 7 MPs ने इस्तीफा दे दिया। राघव चड्ढा ने अपने अपने साथी राज्यसभा सांसदों संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ मिलकर घोषण कर दी कि वह आम आदमी पार्टी से अलग होकर भाजपा ज्वाइन करेंगे। अगले साल आने वाले...
नेशनल डेस्क : पंजाब सरकार को उस समय करारा झटका लग गया जब 'AAP' के 7 MPs ने इस्तीफा दे दिया। राघव चड्ढा ने अपने अपने साथी राज्यसभा सांसदों संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ मिलकर घोषण कर दी कि वह आम आदमी पार्टी से अलग होकर भाजपा ज्वाइन करेंगे। अगले साल आने वाले विधासभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती है, क्योंकि राघव चड्ढा को 'AAP' का बड़ा चेहरा माना जाता था।
विधानसभा चुनाव में AAP की बढ़ेगी मुश्किलें
पंजाब में 2027 को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले AAP की मुश्किलें बढ़ गई है, क्योंकि एक साथ 7 MPs का इस्तीफा देना भगवंत मान सरकार को महंगा पड़ सकता है। बता दें कि राघव चडढा को पार्टी का एक बढ़ा चेहरा माना जाता है, अब उनके इस्तीफा देने से आने वाले विधानसभा चुनावों में अन्य पार्टियों का फायदा मिल सकता है।
BJP की स्थिति मजबूत
AAP छोड़ने वालों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल के अलावा पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह और विक्रमजीत सिंह साहनी भी हैं। ये सभी पंजाब से ही राज्यसभा सांसद हैं। इसका मतलब है आप के सात सांसदों में से पांच ने भाजपा का दामन लिया है। दिल्ली से आप छोड़ने वालों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल के अलावा पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह और विक्रमजीत सिंह साहनी भी हैं। ये सभी पंजाब से ही राज्यसभा सांसद हैं। इन सभी बड़े चेहरों का भाजपा में शामिल में पार्टी के फायदेमंद साबित होगा।