Edited By Rahul Rana,Updated: 08 Aug, 2026 01:23 PM

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई।
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई। रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के प्रतिनिधियों और 'JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच' के आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा चली। बैठक में अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और परीक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। बातचीत के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने इसे सकारात्मक बताया। अभ्यर्थियों के मुताबिक, सरकार की ओर से उन्हें अपनी मांगों और सुझावों का फीडबैक ईमेल के माध्यम से भेजने के लिए एक ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई है।
14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा को लेकर आंदोलन
अभ्यर्थी 2 जुलाई से JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में उठे सवालों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए और उनकी मांगों पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। आंदोलन के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारी छात्र कुश महतो ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत का उद्देश्य अभ्यर्थियों की मांगों को स्पष्ट रूप से सामने रखना है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया जाएगा।
अलग-अलग छात्र समूहों से बातचीत
स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बातचीत आंदोलन कर रहे मुख्य छात्र समूह के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई। यह प्रतिनिधिमंडल देवेंद्र महतो के गुट से अलग बताया जा रहा है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में शामिल होकर अभ्यर्थियों की समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष रखा। इसके साथ ही सरकार की ओर से NSUI और JMM से जुड़े छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की जा रही है। सरकार का प्रयास अलग-अलग छात्र समूहों की बात सुनकर मामले पर व्यापक स्तर पर चर्चा करने का है।
वार्ता में भी दिखा था सकारात्मक रुख
इससे पहले हुई बातचीत में सरकार की ओर से झामुमो के चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार सोनू, कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह तथा राजद के संजय प्रसाद यादव समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए थे। पहले दौर की बातचीत के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने इसे सकारात्मक बताया था। उन्होंने कहा था कि पहली बैठक में सभी पक्षों के साथ पॉजिटिव माहौल में बातचीत हुई और उन्हें उम्मीद है कि सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्री अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।
अब सरकार के जवाब पर टिकी नजर
दूसरे दौर की बातचीत के बाद अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद जगी है कि सरकार उनकी मांगों पर ठोस पहल करेगी। हालांकि, आंदोलन समाप्त होगा या आगे भी जारी रहेगा, यह सरकार के अगले कदम और मांगों पर उसके आधिकारिक रुख के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर सरकार की ओर से मिलने वाले जवाब पर है। परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे इस आंदोलन में छात्रों की मांगों और सरकार के फैसले के बीच अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।