Edited By Tanuja,Updated: 05 May, 2026 06:10 PM

ईरान के यूएई पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई देशों ने कड़ी निंदा की। हमले में 3 भारतीय घायल हुए। भारत, जापान, सऊदी अरब सहित कई देशों ने तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन की मांग भी उठी।
International Desk: ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसकी दुनिया भर के कई देशों ने कड़ी निंदा की है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की सुरक्षा प्रणाली ने 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। इस हमले में Fujairah में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, जिससे भारत में भी चिंता बढ़ गई है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने हमले पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि उनका देश स्थिति को शांत करने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास करेगा।
जॉर्डन के राजा राजा अब्दुल्ला द्वितीय (King Abdullah II) ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से बात कर इस हमले की निंदा की और यूएई की सुरक्षा के लिए समर्थन जताया। आयरलैंड की विदेश मंत्री Helen McEntee ने भी ईरान के हमले की आलोचना करते हुए सभी पक्षों से संघर्ष विराम बनाए रखने की अपील की। ऑस्ट्रिया औरसऊदी अरब ने भी इस हमले को खतरनाक बताते हुए तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीi ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
उन्होंने यूएई के साथ एकजुटता जताई और कहा कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही बेहद जरूरी है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। इस घटना के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और संवेदनशील हो गई है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार पर असर पड़ सकता है। अब दुनिया के ज्यादातर देश इस संकट को शांत करने के लिए कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं।