मिडिल ईस्ट संकट में अलर्ट मोड पर मोदी सरकार; खाड़ी देशों से तेज संपर्क, ईरान से  भी की सीधी बात

Edited By Updated: 21 Apr, 2026 06:33 PM

india s gulf outreach aimed at energy security diaspora welfare mea

भारत ने पश्चिम एशिया तनाव के बीच खाड़ी देशों से संपर्क बढ़ाया है। फोकस ऊर्जा सुरक्षा, भारतीयों की सुरक्षा और व्यापार पर है। होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा भी बड़ी चिंता बनी हुई है।

International Desk:  भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों के साथ अपने संबंध और संपर्क तेज कर दिए हैं। सरकार का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और व्यापारिक हितों की रक्षा पर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि यह पहलप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के निर्देश पर की जा रही है। हाल के दिनों में कई बड़े भारतीय नेताओं ने खाड़ी देशों का दौरा किया है। इसमें अजीत डोभाल सऊदी अरब गए, एस जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे और हरदीप सिंह पुरी कतर गए। इसके अलावा पियूष गोयल ने भी कई देशों के साथ बातचीत की।

 

भारत खासतौर पर Strait of Hormuz की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है। हाल ही में यहां भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिससे चिंता और बढ़ गई है।  भारत ने इस मामले में ईरान  से सीधी बात की है और वहां के राजदूत मोहम्मद फथाली को बुलाकर अपनी चिंता जताई है। भारत ने मांग की है कि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए।

 

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी लगातार नजर रखी जा रही है और उनके संपर्क में रहा जा रहा है। इसके अलावा, भारत UAE के साथ विमानन और अन्य नागरिक मामलों पर भी लगातार बातचीत कर रहा है। सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में अब तक 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति लापता है, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ होती है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!