Edited By Tanuja,Updated: 04 May, 2026 06:42 PM

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के एक युद्धपोत पर मिसाइलें दागी गईं, लेकिन यूनाइटेड स्टेट्स ने इसे खारिज कर दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
International Desk: ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी नौसेना के एक फ्रिगेट (युद्धपोत) को मिसाइल से निशाना बनाया। यह घटना होर्मुज स्ट्रेट में हुई बताई जा रही है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी जहाज ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह जास्क के पास इस जलडमरूमध्य में प्रवेश करने की कोशिश की। ईरान का कहना है कि उसने पहले चेतावनी दी थी, लेकिन जहाज ने उसे नजरअंदाज किया, जिसके बाद उस पर दो मिसाइलें दागी गईं।
दावा किया गया कि हमले के बाद जहाज को पीछे हटना पड़ा। हालांकि अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि किसी भी जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ और ईरान का दावा गलत है। इस बीच, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में “प्रोजेक्ट फ्रीडम” के तहत होर्मुज़ में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने का ऐलान किया है। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि अगर कोई विदेशी सेना, खासकर अमेरिका, इस क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश करेगी तो उस पर हमला किया जाएगा।
ईरान पहले ही कह चुका है कि उसकी अनुमति के बिना होर्मुज़ से गुजरना संभव नहीं है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से यह क्षेत्र लगातार तनाव में है। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी और इजराइली जहाजों के लिए इस मार्ग को बंद कर दिया था। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह समुद्री टकराव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। दोनों देशों के विरोधाभासी दावों से स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो गई है।