Edited By Tanuja,Updated: 05 May, 2026 01:49 PM

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जबकि ईरान ने सैन्य कार्रवाई को बेकार बताया। होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव के बीच सीजफायर कमजोर पड़ता दिख रहा है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर खतरा...
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। कमजोर पड़ते सीजफायर के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, तो उसे “धरती से मिटा दिया जाएगा।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब Strait of Hormuz में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने अमेरिका की इस सख्ती पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक संकट का हल सैन्य कार्रवाई नहीं है। उन्होंने अमेरिका के ‘Project Freedom’ मिशन को “Project Deadlock” बताते हुए कहा कि इससे समस्या और बढ़ेगी। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने कुछ जहाजों पर हमला किया है, जिनमें एक दक्षिण कोरियाई जहाज भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने सात छोटी नौकाओं को मार गिराया है।
अमेरिका ने होर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने के लिए सैन्य अभियान शुरू करने की बात कही है, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता में दखल मानता है और विरोध कर रहा है। इस बीच, सीजफायर टूटने की कगार पर है और दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति नहीं संभली, तो यह टकराव बड़े युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ेगा।