Edited By Tanuja,Updated: 12 Jan, 2026 02:46 PM

न्यूजीलैंड के ताउरंगा शहर में गुरु गोबिंद सिंह जयंती पर निकाले गए सिख नगर कीर्तन को ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च समर्थकों ने बाधित किया। माओरी हाका और भड़काऊ नारों से विरोध हुआ, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा। SGPC ने इसे...
International Desk: न्यूजीलैंड में धार्मिक सहिष्णुता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख समुदाय की शांतिपूर्ण धार्मिक शोभायात्रा नगर कीर्तन को लगातार दूसरी बार दक्षिणपंथी समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। यह घटना गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर ताउरंगा शहर में सामने आई। 11 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिख संगत से शुरू होकर कैमरन रोड होते हुए ताउरंगा बॉयज कॉलेज की ओर बढ़ रहा था।
यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं
इसी दौरान दक्षिणपंथी पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च समर्थक नगर कीर्तन के मार्ग में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक माओरी हाका किया और “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” तथा “WHOSE STREETS? KIWI STREETS” जैसे नारे लिखे बैनर लहराए। हालांकि, न्यूजीलैंड पुलिस और सिख समुदाय के स्वयंसेवकों की सतर्कता के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई और नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
तमाकी का भड़काऊ बयान
घटना के बाद ब्रायन तमाकी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए विरोध को “शांतिपूर्ण प्रतिरोध” बताया। उन्होंने दावा किया कि नगर कीर्तन के दौरान तलवारें और खंजर लहराए गए और इसे “राष्ट्रीय पहचान के लिए खतरा” करार दिया। तमाकी ने आप्रवासन, बहुसांस्कृतिक नीति और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यूजीलैंड को “ईसाई मूल्यों वाला देश” बनाए रखने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
पहले भी हो चुका विरोध
गौरतलब है कि इससे पहले ऑकलैंड में भी गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबजादों की शहादत की स्मृति में निकाले गए नगर कीर्तन का विरोध किया गया था। उस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री, अकाल तख्त के जत्थेदार और SGPC ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। यह ताजा घटना न केवल न्यूजीलैंड के सिख समुदाय को चिंतित कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है।
SGPC की कड़ी निंदा
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की एक पवित्र, शांतिपूर्ण और विश्वभर में सम्मानित परंपरा है। इसे रोकने की कोशिश धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला है। SGPC ने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।