Edited By Tanuja,Updated: 08 Mar, 2026 02:25 PM

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि पड़ोसी देशों के बारे में उनके बयान को “दुश्मनों ने गलत समझा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पड़ोसियों से टकराव नहीं चाहता, लेकिन अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में कार्रवाई करेगा। इस बीच युद्ध में मिसाइल...
International Desk: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन Masoud Pezeshkian ने कहा है कि क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई को लेकर उनके पहले दिए गए बयान को “दुश्मनों ने गलत तरीके से पेश किया।” राज्य मीडिया के हवाले से The Times of Israel ने बताया कि पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे के रिश्ते बनाए रखना चाहता है। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान बार-बार यह कह चुका है कि वह अपने पड़ोसियों को “भाई” मानता है और उनके साथ अच्छे संबंध चाहता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान पर हमला होगा तो जवाब देना मजबूरी होगी।
शनिवार को एक टीवी संबोधन में पेजेश्कियान ने कहा था कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेगा, जब तक उन देशों से ईरान पर हमला न किया जाए। उन्होंने कहा, “हम पड़ोसी देशों से माफी मांगते हैं। हमारा किसी देश पर आक्रमण करने का कोई इरादा नहीं है।” अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ कोई समझौता तभी होगा जब वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करेगा। इस पर पेजेश्कियान ने जवाब देते हुए कहा “वे हमारे आत्मसमर्पण का सपना अपने साथ कब्र में ले जाएंगे।”ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर यह भी कहा था कि ईरान में नई नेतृत्व व्यवस्था आने के बाद ही कोई समझौता संभव है।
युद्ध के बीच Israeli Air Force ने शुक्रवार रात बड़े पैमाने पर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने लगभग 230 बम गिराए । इन हमलों में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और सैन्य प्रशिक्षण संस्थान जैसे ठिकाने निशाने पर रहे। इन हमलों के जवाब में Islamic Revolutionary Guard Corps ने “Operation True Promise 4” (OTP-4) के 23वें चरण की घोषणा की। आईआरजीसी के अनुसार, इस दौरान नई पीढ़ी की मिसाइलों से इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।