Edited By Pardeep,Updated: 27 Jun, 2026 11:42 PM

खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली और उत्तराखंड में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के बाद प्रमुख धार्मिक स्थलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस केंद्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
नई दिल्ली: खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली और उत्तराखंड में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के बाद प्रमुख धार्मिक स्थलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस केंद्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
ईमेल के जरिए मिली धमकी
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद यह अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें आने वाले दिनों में हमले करने की चेतावनी दी गई है। इस ईमेल में दिल्ली और उत्तराखंड के कई मंदिरों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों और पुलिस प्रतिष्ठानों को संभावित लक्ष्यों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इसके अलावा, धमकी में कुछ राजनीतिक नेताओं का भी जिक्र है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क हो गई हैं।
निहंग सिखों के गतिरोध का मामला
यह सुरक्षा अलर्ट उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच हुए हालिया गतिरोध की पृष्ठभूमि में आया है। 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए अपने चार साथियों की रिहाई को लेकर निहंग प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, एक सिख प्रतिनिधिमंडल के हस्तक्षेप के बाद 23 जून को नागरासु गुरुद्वारे में यह गतिरोध समाप्त हो गया था। इसी बीच, शनिवार को उत्तराखंड की एक जिला एवं सत्र अदालत ने गिरफ्तार किए गए चारों निहंग सिखों को जमानत दे दी है।
सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त
अलर्ट के बाद दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संवेदनशील और भारी भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा की समीक्षा शुरू कर दी है। महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, परिवहन केंद्रों और सरकारी इमारतों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
जांच में जुटे साइबर एक्सपर्ट
दिल्ली पुलिस ने इस धमकी भरे ईमेल की वास्तविकता का पता लगाने और इसके स्रोत को ट्रैक करने के लिए जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञ मैसेज के डिजिटल ट्रेल की जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह वास्तव में कोई गंभीर खतरा है या महज एक शरारत (hoax)। फिलहाल किसी निश्चित समय या स्थान की विशेष जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं।