स्टडी में बड़ा खुलासा-  40 साल की उम्र के बाद दिल्ली-NCR में डायबिटीज और हाई BP का खतरा बढ़ा

Edited By Updated: 11 Aug, 2026 11:10 AM

risk of diabetes and high blood pressure has risen rapidly among adults in delhi

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 56 हजार से अधिक वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि पूर्व के अनुमानों से कहीं अधिक लोग मधुमेह और उच्च रक्तचाप से एक साथ चपेट में आ रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, 40 वर्ष की उम्र के बाद दोनों...

नेशनल डेस्क: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 56 हजार से अधिक वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि पूर्व के अनुमानों से कहीं अधिक लोग मधुमेह और उच्च रक्तचाप से एक साथ चपेट में आ रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, 40 वर्ष की उम्र के बाद दोनों बीमारियों के एक साथ होने की आशंका तेजी से बढ़ जाती है। मैक्स हेल्थकेयर के नैदानिक अनुसंधान एवं निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रम विभाग ने यह अध्ययन किया जिसमें जनवरी 2021 से दिसंबर 2024 के बीच दिल्ली-एनसीआर स्थित मैक्स हेल्थकेयर के चुनिंदा अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में निवारक स्वास्थ्य जांच कराने वाले 56 हजार से अधिक वयस्कों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया।

'डायबिटीज एंड मेटाबॉलिक सिंड्रोम: क्लिनिकल रिसर्च एंड रिव्यूज' में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, करीब पांच प्रतिशत वयस्कों को मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों की समस्या थी। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि दोनों बीमारियों से एक साथ प्रभावित लोगों की संख्या, अलग-अलग बीमारियों के प्रसार के आधार पर अपेक्षित संख्या से करीब दोगुनी थी। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि दोनों बीमारियों के एक साथ होने के मामले 40 वर्ष की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगे। यह बढ़ोतरी करीब 58 वर्ष की उम्र तक जारी रही और फिर धीरे-धीरे स्थिर होने लगी। करीब 70 वर्ष की उम्र तक ऐसे मामलों का प्रतिशत लगभग 17% पहुंच गया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि मधुमेह से पीड़ित लोगों में उच्च रक्तचाप होने की आशंका उन लोगों की तुलना में करीब चार गुना अधिक थी, जिन्हें मधुमेह नहीं था। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार इसी तरह, उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में मधुमेह होने की आशंका उन लोगों की तुलना में करीब 2.5 गुना अधिक थी, जिन्हें उच्च रक्तचाप नहीं था। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप के एक साथ होने के मामले, दोनों बीमारियों के अलग-अलग प्रसार को देखते हुए अपेक्षित संख्या से कहीं अधिक हैं।

मैक्स हेल्थकेयर के जैव-सांख्यिकी सलाहकार डॉ. अभय इंद्रायन ने कहा, ''सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अध्ययन में सामने आया कि 40 वर्ष की उम्र के आसपास दोनों बीमारियों का एक साथ होने की आशंका तेजी से बढ़ती है। इन निष्कर्षों से दोनों बीमारियों की एक साथ जांच की रणनीति को बल मिलता है, ताकि उनकी शुरुआती अवस्था में पहचान कर गंभीर जटिलताएं पैदा होने से पहले ही समय पर उपचार शुरू किया जा सके।'' अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप के अलग-अलग प्रसार का व्यापक अध्ययन किया गया है, लेकिन भारतीय आबादी में दोनों बीमारियां कितनी बार एक साथ होती हैं इस बारे में अब तक सीमित प्रमाण उपलब्ध हैं। अध्ययन में उम्र और लैंगिक पहचान के आधार पर भी रुझानों का विश्लेषण किया गया, ताकि यह समझा जा सके कि उम्र बढ़ने के साथ मधुमेह और उच्च रक्तचाप का संयुक्त प्रभाव किस तरह बढ़ता है। इंद्रायन ने कहा, "इसलिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल में केवल अलग-अलग बीमारियों की जांच पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की व्यापक स्वास्थ्य जांच विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

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