सिर्फ गर्मी नहीं, जानलेवा बन सकती है लू! डॉक्टर ने बताए वो संकेत जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Edited By Updated: 26 May, 2026 12:56 AM

the doctor reveals signs you should never under any circumstances ignore

गर्मी और हीट वेव के बढ़ते खतरे के बीच डॉ. सुशीला कटारिया ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शरीर की तापमान नियंत्रित करने की एक सीमा होती है और उससे अधिक गर्मी के संपर्क में आने पर शरीर में पानी और नमक की कमी होने...

नेशनल डेस्क : गर्मी और हीट वेव के बढ़ते खतरे के बीच डॉ. सुशीला कटारिया ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शरीर की तापमान नियंत्रित करने की एक सीमा होती है और उससे अधिक गर्मी के संपर्क में आने पर शरीर में पानी और नमक की कमी होने लगती है।

मेदांता गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन की वाइस चेयरपर्सन डॉ. सुशीला कटारिया के अनुसार, हीट एग्जॉशन यानी गर्मी से होने वाली थकावट के शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, जी मिचलाना और कमजोरी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यही स्थिति गंभीर होकर हीट स्ट्रोक यानी लू का रूप ले सकती है।

उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के मरीज का तुरंत इलाज न होने पर इसका असर सीधे दिमाग और किडनी पर पड़ सकता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।

डॉ. कटारिया ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग और खेतों में काम करने वाले लोग हीट वेव के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर बहुत जरूरी न हो तो सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए पानी, नारियल पानी और ORS सबसे अच्छे विकल्प हैं, जबकि चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थ शरीर से और अधिक पानी सोख लेते हैं।

डॉक्टर ने लोगों को सूती, ढीले-ढाले और हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह भी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि फेफड़े, दिल और किडनी से जुड़ी बीमारियों की दवा लेने वाले लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान नियमित रूप से अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए।

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