Edited By Ramkesh,Updated: 23 Aug, 2026 02:16 PM

देश में जहां एक तरफ SC/ST एक्ट, आरक्षण, यूजीसी के नए कानून को लेकर दिल्ली में कुछ संगठन विरोध कर रहे हैं। आरक्षण को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं इसी बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को...
भुवनेश्वर: देश में जहां एक तरफ SC/ST एक्ट, आरक्षण, यूजीसी के नए कानून को लेकर दिल्ली में कुछ संगठन विरोध कर रहे हैं। आरक्षण को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं इसी बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को बड़ा तोहफा दिया है। दरसअल, सरकार ने विदेश में उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'विदेश शिक्षावृत्ति' छात्रवृत्ति योजना शुरू की है।
इस योजना के तहत योग्य छात्रों को दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए लिए SC-ST छात्रों को 25 लाख तक की मदद का ऐलान किया है। सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर SC और ST छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाना है, ताकि वे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर अपने करियर को बेहतर बना सकें।
हर साल 50 छात्रों का होगा चयन
योजना के तहत हर साल 50 छात्रों का चयन किया जाएगा। इन छात्रों को QS World University Rankings में टॉप-200 में शामिल विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। चयनित छात्रों को पढ़ाई के दौरान होने वाले विभिन्न खर्चों के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सालाना 25 लाख रुपये तक की मदद
'विदेश शिक्षावृत्ति' के तहत प्रत्येक चयनित छात्र को हर साल अधिकतम 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें ट्यूशन फीस के साथ-साथ रहने और खाने का खर्च, यात्रा, स्वास्थ्य बीमा तथा पढ़ाई से जुड़े अन्य जरूरी खर्च शामिल होंगे। सरकार की इस पहल से उन SC और ST छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने का सपना पूरा नहीं कर पाते।
टॉप विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का मौका
योजना में QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। इससे चयनित छात्रों को दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक एवं रोजगार अवसर हासिल करने का मौका मिलेगा। ओडिशा सरकार की यह पहल उच्च शिक्षा में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।