Edited By Purnima Singh,Updated: 26 Aug, 2026 03:46 PM

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है, लेकिन बैतूल में इस रिश्ते की अनूठी मिसाल पिछले 27 वर्षों से कायम है। समाजसेवी राजेंद्र सिंह उफर्‘केंडू बाबा'की कलाई पर हर साल एक हजार से अधिक बहनें राखी बांधती हैं ...
बैतूल: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है, लेकिन बैतूल में इस रिश्ते की अनूठी मिसाल पिछले 27 वर्षों से कायम है। समाजसेवी राजेंद्र सिंह उफर्‘केंडू बाबा'की कलाई पर हर साल एक हजार से अधिक बहनें राखी बांधती हैं। बहनों की संख्या अधिक होने के कारण सामूहिक रक्षाबंधन समारोह के लिए धर्मशाला में विशेष आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 27 अगस्त को राधा-कृष्ण धर्मशाला, बैतूल गंज में रक्षाबंधन उत्सव आयोजित किया जाएगा। अटल सेना द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस वर्ष 27वें वर्ष में प्रवेश करेगा। समिति की प्रमुख सदस्य कृष्णा नामदेव ने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी बहनों तक निमंत्रण पहुंचाए जा चुके हैं। बहनों से प्रवेश पास के साथ सुबह 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने का आग्रह किया गया है।
इस बार कुछ अलग होगा रक्षाबंधन उत्सव
उन्होंने बताया कि इस बार रक्षाबंधन उत्सव कुछ अलग तरीके से मनाया जाएगा। बहनें सामूहिक रूप से राखियों से एक डलिया सजाएंगी। इसके बाद गंज के प्रमुख मार्ग से राखी की शोभायात्रा निकाली जाएगी और शोभायात्रा के दौरान राखी का पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद विधिवत पूजन के साथ सबसे पहले भगवान शिव को राखी अर्पित की जाएगी। इसके बाद बहनें अपने भाई राजेंद्र सिंह उफर् केंडू बाबा की कलाई पर राखियां बांधेंगी।
राखी के रिश्ते से आगे बढ़ा अपनापन
राजेंद्र सिंह का बहनों से रिश्ता केवल रक्षाबंधन के एक दिन तक सीमित नहीं है। शहर के अलग-अलग वाडरं में रहने वाली उनकी बहनें वर्षभर अपनी समस्याओं और सुख-दुख में उन्हें अपने साथ खड़ा पाती हैं। समय के साथ यह रिश्ता औपचारिकता से आगे बढ़कर भरोसे और अपनत्व का मजबूत संबंध बन गया है।
बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहयोग
केंडू बाबा जरूरतमंद बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सहयोग करते रहे हैं। बीते वर्षों में उन्होंने चार गरीब बहनों को रोजगार शुरू करने के लिए सिलाई मशीनें उपहार में दीं। उनका कहना है कि बहनों को केवल राखी या उपहार तक सीमित सहयोग देने के बजाय ऐसा सहारा दिया जाना चाहिए, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान दे सकें।
आयोजन की तैयारियों में जुटी समिति
रक्षाबंधन उत्सव की तैयारियों में समिति की सेवंती साहू, सरिता पाल, ज्योति राठौड़, किरण भूमरकर, नर्मदा शेषकर, किरण पवार, सुधा खंडारे सहित अन्य सदस्य सहयोग कर रही हैं। 27 वर्षों से जारी यह आयोजन बैतूल में भाई-बहन के स्नेह के साथ सामाजिक सरोकार और अपनत्व की अनूठी परंपरा बन चुका है।