Edited By Pardeep,Updated: 18 Aug, 2026 11:51 PM

बैंकॉक से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान में उड़ान भरने के ठीक पहले एक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों को टेक-ऑफ रद्द करना पड़ा। इस सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और विमान में सवार 250 से अधिक यात्री बाल-बाल बच गए।
बैंकॉक/नई दिल्ली: बैंकॉक से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान में उड़ान भरने के ठीक पहले एक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों को टेक-ऑफ रद्द करना पड़ा। इस सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और विमान में सवार 250 से अधिक यात्री बाल-बाल बच गए। पिछले 10 दिनों में एअर इंडिया के विमानों में हाइड्रोलिक खराबी की यह दूसरी बड़ी घटना है।
रनवे पर अचानक रोकना पड़ा विमान
रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाइट संख्या AI2335 गुरुवार (13 अगस्त) को स्थानीय समयानुसार शाम 6:25 बजे बैंकॉक से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। विमान रनवे पर दौड़ने ही वाला था कि कॉकपिट चालक दल (क्रू) को हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी का पता चला, जिसके बाद पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर विमान को रोक दिया।
विमान को रनवे के पास एक साइड बे में ले जाया गया, जहां एम्बुलेंस और बचाव वाहन तुरंत तैनात कर दिए गए। विमान में सवार यात्रियों को करीब 90 मिनट से अधिक समय तक अंदर ही बैठना पड़ा, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
चालक दल की ड्यूटी सीमा के कारण 24 घंटे की देरी
एअर इंडिया के सूत्रों ने पुष्टि की है कि विमान में हाइड्रोलिक खराबी आई थी। हालांकि इस तकनीकी खराबी को लगभग तीन घंटे में ही ठीक कर लिया गया था, लेकिन क्रू मेंबर्स की 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम सीमा' (FDTL) समाप्त होने के कारण विमान उड़ान नहीं भर सका।
इसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को पहले बताया गया कि उड़ान गुरुवार रात को ही रवाना होगी, लेकिन बाद में इसे शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया। एअर इंडिया ने उन यात्रियों को होटल में ठहरने की पेशकश की जिन्होंने बैंकॉक में रात बिताने का विकल्प चुना था, वहीं कुछ यात्रियों ने भारत लौटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। यह फ्लाइट अंततः निर्धारित समय से लगभग 24 घंटे की देरी से शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 7:00 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो सकी।
10 दिनों में दूसरी बड़ी घटना
एअर इंडिया के A320 बेड़े में हाइड्रोलिक फेल होने का यह 10 दिनों में दूसरा मामला है। इससे पहले, 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में भी अचानक हाइड्रोलिक प्रेशर कम होने के कारण विमान तेजी से नीचे गिर गया था, जिससे 24 लोग घायल हो गए थे। एयरबस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि उस घटना में विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम ने बेहद कम समय में काम करना बंद कर दिया था। भारतीय अधिकारियों ने उस घटना को 'गंभीर घटना' की श्रेणी में रखा है और इसकी जांच जारी है।
एअर इंडिया का पक्ष
एअर इंडिया के सूत्रों का कहना है कि बैंकॉक की घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है और तकनीकी खराबी को तीन घंटे में ही ठीक कर लिया गया था। इसके बाद हुई देरी का मुख्य कारण क्रू की ड्यूटी टाइम सीमाएं थीं। हालांकि, लगातार हो रही इन तकनीकी खराबियों के कारण एअर इंडिया की परिचालन सुरक्षा और विमानों के रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।