Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Aug, 2026 05:47 PM

मंगलवार को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2379 को हवा में तेज़ टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव आया। इस घटना में कई यात्रियों के सिर ऊपर बने ओवरहेड बिन्स से टकरा गए, जिससे कम से कम 14 लोग घायल हो...
नई दिल्ली: मंगलवार को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2379 को हवा में तेज़ टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव आया। इस घटना में कई यात्रियों के सिर ऊपर बने ओवरहेड बिन्स से टकरा गए, जिससे कम से कम 14 लोग घायल हो गए। इनमें 10 यात्री और दो केबिन क्रू सदस्य शामिल हैं। विमान में कुल कितने यात्री सवार थे, इसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।
एक यात्री ने बताया, "यह सुबह की फ़्लाइट थी और अधिकांश लोग सो रहे थे। तभी अचानक विमान ने झटका खाया और मुड़ने से पहले कुछ पल के लिए जैसे रुक गया। इसके बाद कई यात्री घायल हो गए। एक बच्चा भी चोटिल हुआ, जबकि मेरी पीठ में भी चोट आई।" एक अन्य यात्री के अनुसार, "विमान की ऊंचाई अचानक कम हुई, जिससे कई यात्रियों के सिर ओवरहेड बिन्स से टकरा गए।"
यात्री ने साझा किया डरावना अनुभव
वहीं, फ्लाइट में सफर कर रहीं शिल्पी जैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर पूरी घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह सीट नंबर 23F पर बैठी थीं। उनके अनुसार, उड़ान के बीच अचानक विमान में बेहद तेज टर्बुलेंस हुआ, जिससे विमान कुछ समय के लिए तेजी से नीचे की ओर गया। इसी दौरान कई यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया और कुछ लोग सीट से उछलकर विमान की छत से टकरा गए। शिल्पी ने इस घटना को अपनी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बताया और कहा कि कुछ पल के लिए उन्हें लगा कि उनकी जान खतरे में है।
विमान के अंदर मचा हड़कंप
यात्री के मुताबिक, तेज झटकों के बाद विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग घबरा गए, जबकि कुछ यात्रियों और केबिन क्रू को चोटें भी आईं। उन्होंने बताया कि केबिन क्रू ने स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश की और यात्रियों को शांत रखने का प्रयास किया।
वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की
शिल्पी जैन ने दावा किया कि घटना के बाद केबिन क्रू ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे इस घटना के वीडियो या तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। उनके अनुसार, ऐसा इसलिए कहा गया ताकि एयरलाइन की छवि पर नकारात्मक असर न पड़े। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इमरजेंसी लैंडिंग को लेकर उठाए सवाल
यात्री ने यह भी सवाल उठाया कि यदि टर्बुलेंस इतना गंभीर था, तो विमान को रास्ते में किसी नजदीकी एयरपोर्ट पर क्यों नहीं उतारा गया। उनका कहना था कि यात्रियों को पूरी जानकारी मिलनी चाहिए थी ताकि वे स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकें।
दिल्ली पहुंचने के बाद भी जताई नाराजगी
शिल्पी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पहुंचने के बाद घायल यात्रियों को तुरंत पर्याप्त मेडिकल सहायता नहीं मिली। उनके अनुसार, कुछ घायलों को स्ट्रेचर की जगह व्हीलचेयर के जरिए बाहर ले जाया गया और इलाज के लिए भी कुछ समय इंतजार करना पड़ा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह अनुभव उनके लिए "मौत के बेहद करीब" जैसा था।
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। खुद को केबिन क्रू सदस्य बताने वाले एक यूजर ने कहा कि Clear Air Turbulence (CAT) पूरी तरह अप्रत्याशित होती है और इसका विमान की तकनीकी खराबी से कोई सीधा संबंध नहीं होता। ऐसी स्थिति किसी भी एयरलाइन और किसी भी उड़ान के दौरान हो सकती है। कुछ अन्य लोगों ने भी अपने पुराने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्हें भी अलग-अलग उड़ानों में इसी तरह के तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था।