पार्टी छोड़कर गए गद्दारों को वापस नहीं आने दिया जाएगा, अभिषेक बनर्जी का बड़ा दावा

Edited By Updated: 28 Aug, 2026 07:17 PM

traitors who left the party will not be allowed to return

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी से अलग हुए गुटों में शामिल होने वाले एक भी "गद्दार" को पार्टी में वापस आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पार्टी की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के...

नेशनल डेस्क : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी से अलग हुए गुटों में शामिल होने वाले एक भी "गद्दार" को पार्टी में वापस आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पार्टी की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदलने में "युवा शक्ति" के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों ने अपनी ताकत के सामने 'दिल्ली के जमींदारों' को झुकने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा, "हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला हमारी सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी का होगा, लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि टीएमसी में रहकर फूलने-फलने वाले और इस मुश्किल समय में अपने कार्यकर्ताओं का साथ छोड़कर अपनी पीठ बचाने वाले एक भी गद्दार को हमारी पार्टी में वापस नहीं आने दिया जाएगा।"

उन्होंने कहा, "जो लोग खुद को बचाने के लिए गुट में शामिल हुए हैं और अब भाजपा से सुविधाएं ले रहे हैं, उन्हें भविष्य में हमारी ओर से कोई रियायत नहीं मिलेगी।" भाजपा पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए बनर्जी ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की "जनविरोधी नीतियों" का विरोध करने में छात्रों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "देश ऐसे दौर में पहुंच गया है, जहां छात्रों के आंदोलनों ने पूरे देश को हिला दिया है। दिल्ली के जमींदारों को छात्रों और युवाओं की ताकत के सामने अपना सिर झुकाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।"

बनर्जी हाल ही में नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन और उसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा, "यह उस पार्टी को लगे शाप का नतीजा था, जिसने बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए वोट चुराए थे। राज्य में चुनाव परिणाम चार मई को घोषित हुए और 15 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का गठन हो गया।"

बनर्जी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को चुनौती देते हुए कहा, "अगर आपमें हिम्मत है, तो पहले छात्रों और युवाओं के सामने आमने-सामने खड़े होकर उनका मुकाबला करें।" पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार और मौजूदा भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की तुलना करते हुए अभिषेक ने दावा किया कि ममता बनर्जी की "सिंगल-इंजन" सरकार ने "डबल-इंजन" राज्य और केंद्र सरकार की तुलना में अधिक लाभार्थियों की मदद की।

बनर्जी ने कहा, "ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल में 2.5 करोड़ महिलाओं को लक्ष्मी भंडार की सहायता दी, जबकि भाजपा सरकार 1.5 करोड़ लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना का लाभ देने के लिए संघर्ष कर रही है।" पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देने के लिए अन्नपूर्णा योजना शुरू की है। इसने पिछली टीएमसी सरकार द्वारा शुरू की गई 'लक्ष्मी भंडार' योजना की जगह ली है, जिसके तहत हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये की सहायता दी जाती थी। बनर्जी ने मीडिया के एक वर्ग में जारी इन अटकलों को खारिज कर दिया कि वह देश छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने कहा, "जब तक आप मेरा शव और उसके ऊपर दो फूलों वाला झंडा (तृणमूल का चुनाव चिह्न) नहीं देख लेते, तब तक किसी बात पर विश्वास मत करना। जब तक मैं मरा नहीं, तब तक मैं हारा नहीं।" 

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