Edited By Rahul Rana,Updated: 31 Jul, 2026 04:10 PM

तृणमूल कांग्रेस ने अपने तीन HDFC बैंक खातों को Enforcement Directorate (ED) द्वारा फ्रीज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी है।
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने तीन HDFC बैंक खातों को Enforcement Directorate (ED) द्वारा फ्रीज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें खातों पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच इस मामले की सुनवाई 3 अगस्त को कर सकती है।
ED का मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ED का आरोप है कि TMC के एक बैंक खाते से लगभग 133.84 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि यह राशि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है यह पूरा प्रकरण पश्चिम बंगाल के विधायक बिस्वनाथ दास की 18 जून 2026 को लिखी शिकायत से शुरू हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की और 23 जून को ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत जांच शुरू कर दी। 7 जुलाई को ED ने कुल छह बैंक खातों को फ्रीज कर दिया, जिनमें TMC के तीन HDFC बैंक खाते भी शामिल हैं।
मनमाने ढंग से खाते फ्रीज करने का आरोप
तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ED ने बिना ठोस सबूत के मनमाने ढंग से खाते फ्रीज किए हैं। पार्टी ने यह भी उल्लेख किया है कि 9 जुलाई को कलकत्ता हाईकोर्ट की एक अन्य बेंच ने रोजमर्रा के पार्टी खर्च चलाने के लिए विशेष अधिकारी की निगरानी में इन खातों को संचालित करने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट का फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस स्टेज पर फंड ट्रांसफर की वैधता पर फैसला नहीं किया जा सकता। पार्टी अपनी आपत्तियां PMLA के निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष और आगे की सुनवाई के दौरान रख सकती है। हाईकोर्ट ने ED की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि एजेंसी ने जांच के बाद पर्याप्त आधार पाए हैं कि बड़ी रकम विभिन्न संस्थाओं को भेजी गई थी। इसलिए खातों को फ्रीज करना पहली नजर में सही लगता है।