Edited By Rohini Oberoi,Updated: 31 Jul, 2026 08:05 AM

आज तड़के हिमालयी बेल्ट और उससे सटे इलाकों में कुछ ही घंटों के भीतर भूकंप के कई झटके दर्ज किए गए। 'नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी' (NCS) के अनुसार चीन, तिब्बत और नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में लगातार 4 भूकंप आए। इनमें सबसे तेज झटका चीन में 4.5 तीव्रता का...
नई दिल्ली : आज तड़के हिमालयी बेल्ट और उससे सटे इलाकों में कुछ ही घंटों के भीतर भूकंप के कई झटके दर्ज किए गए। 'नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी' (NCS) के अनुसार चीन, तिब्बत और नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में लगातार 4 भूकंप आए। इनमें सबसे तेज झटका चीन में 4.5 तीव्रता का मापा गया। राहत की बात यह रही कि इन झटकों से फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
वहीं NCS द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार देर रात से आज तड़के आए इन भूकंपों की तीव्रता और समय इस प्रकार है। तिब्बत में पहला झटका गुरुवार देर रात 11:25 बजे (IST) 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र ज़मीन से 130 किलोमीटर गहराई में था। तिब्बत में दूसरा झटका आज तड़के 12:50 बजे (IST) 4.2 तीव्रता का दूसरा झटका लगा जिसकी गहराई 90 किलोमीटर दर्ज की गई।
वहीं नेपाल में तड़के 1:18 बजे 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज हुआ जिसकी गहराई 15 किलोमीटर थी। चीन में तड़के 1:44 बजे (IST) चीन में सबसे तेज यानी 4.5 तीव्रता का झटका आया जिसका केंद्र सतह से 10 किलोमीटर गहराई पर था। ये चारों भूकंप रात 11:25 बजे के बीच आए। ये भूकंप गुरुवार और शुक्रवार तड़के 1:44 बजे (IST) आए जिनसे हिमालयी क्षेत्र और पश्चिमी चीन के अलग-अलग हिस्से प्रभावित हुए।
इनकी गहराई 10 किलोमीटर से 130 किलोमीटर के बीच मापी गई जिससे पता चलता है कि भूकंप की विशेषताएं अलग-अलग थीं। इनमें से किसी भी भूकंप के बाद जान-माल के नुकसान की कोई तुरंत खबर नहीं मिली। चीन, तिब्बत और नेपाल के अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह तक कोई आपातकालीन अपडेट जारी नहीं किया था।
हिमालयी बेल्ट, जिसमें नेपाल, तिब्बत और चीन के सटे इलाके शामिल हैं दुनिया के सबसे ज़्यादा भूकंप-संवेदनशील इलाकों में से एक है। ऐसा इंडियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने की वजह से होता है जिसके कारण अलग-अलग तीव्रता के भूकंप अक्सर आते रहते हैं।