सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने छात्रों का किया समर्थन, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का जताया विरोध

Edited By Updated: 23 Jul, 2026 06:00 PM

supreme court lawyers expressed support for the students and protested against

उच्चतम न्यायालय के वकीलों ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन के प्रति समर्थन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार को अपने "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ" अभियान के तहत संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। न्यायालय में...

नेशनल डेस्क: उच्चतम न्यायालय के वकीलों ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन के प्रति समर्थन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार को अपने "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ" अभियान के तहत संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। न्यायालय में दोपहर के भोजनावकाश के दौरान वकीलों की ओर से किए गए पाठ का नेतृत्व वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और एस. मुरलीधर ने किया। 

छात्रों के लिए न्याय की मांग की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह भी वहां मौजूद थे। पत्रकारों से बात करते हुए जयसिंह ने कहा, "हम यहां छात्रों के साथ खड़े होने आए हैं। हम न्याय के पक्ष में खड़े होने आए हैं। हम छात्रों के लिए न्याय की मांग करने आए हैं। हम यहां अपने लिए आंदोलन करने नहीं आए हैं। यह मामला हमारे बारे में नहीं है।

उच्चतम न्यायालय का काम न्याय देना
उन्होंने कहा, "यह मामला छात्रों के अधिकारों से जुड़ा है और वकीलों का यह कर्तव्य है कि वे उच्चतम न्यायालय के सामने खड़े हों और उनके लिए न्याय की मांग करें। भारत के उच्चतम न्यायालय की भूमिका और काम न्याय देना है। इसीलिए हम अपनी मांगों को लेकर न्याय के इस मंदिर में आए हैं।" 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के सदस्य 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं।

कॉजपा परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन है और इसकी शुरुआत भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की युवाओं को "कॉकरोच" कहने वाली टिप्पणी से हुई थी। यह विरोध तब और तेज हो गया जब कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और वामपंथी विचारधारा वाले संगठन आइसा से जुड़े छात्रों के एक समूह ने भूख हड़ताल शुरू की। 

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