ट्विशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट: पति और सास पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

Edited By Updated: 17 Aug, 2026 03:02 PM

twisha sharma  madhya pradesh high court giribala singh samarth singh

भोपाल में शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। CBI ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के ख़िलाफ़ समर्थ की पत्नी ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में चार्जशीट दायर की है। पूर्व जज और उनके वकील...

इंदौर:  भोपाल में शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। CBI ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के ख़िलाफ़ समर्थ की पत्नी ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में चार्जशीट दायर की है। पूर्व जज और उनके वकील बेटे पर दहेज के लिए परेशान करने का आरोप है।

शादी के 5 महीने बाद, 12 मई को भोपाल में अपने पति के घर पर ट्विशा शर्मा मृत पाई गईं। वह 33 साल की थीं। सूत्रों के मुताबिक, 636 पन्नों की इस चार्जशीट में दहेज के कारण मौत, वैवाहिक क्रूरता, आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक इरादे से किए गए कामों से संबंधित कानूनों की धाराएं लगाई गई हैं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था और कहा था कि उनके ससुराल वालों ने अपने प्रभाव और ताकत का इस्तेमाल करके सबूत मिटाने की कोशिश की। 

FIR दर्ज होने के बाद, समर्थ सिंह शुरू में पुलिस को नहीं मिले, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। उन्हें 22 मई को जबलपुर में गिरफ़्तार किया गया और भोपाल लाया गया। इसके बाद CBI ने मामले को अपने हाथ में लिया और पूछताछ के लिए समर्थ सिंह को हिरासत में लिया। उनके मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल, डिजिटल कॉन्टैक्ट्स और पत्नी की मौत के समय हुई घटनाओं सहित उनकी गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।

यह सब तब हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया और निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच का आदेश दिया। तब तक मध्य प्रदेश सरकार ने भी CBI जांच की सिफारिश कर दी थी। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने पेश किए गए रिकॉर्ड के अनुसार, रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा के शरीर पर छह चोटों का ज़िक्र था, साथ ही मौत का कारण फांसी बताया गया था। 

इन चोटों के कारण को लेकर सवाल उठे, जो जांच के अहम पहलू बन गए। ट्विशा शर्मा के परिवार की मांग पर दूसरा पोस्टमार्टम किया गया और मेडिकल व फोरेंसिक जांच को आगे बढ़ाया गया। जांच में जिमनास्टिक्स बेल्ट भी एक अहम चीज़ साबित हुई। बाद में इसे बरामद किया गया और इसकी फोरेंसिक जांच की गई। CBI यह पता लगाना चाहती थी कि क्या आरोपी ने घटनाओं का जो क्रम बताया था - खासकर शव को फंदे से नीचे उतारने और बेल्ट खोलने के बारे में - वह असल में मुमकिन था या नहीं।

इसके लिए, CBI ने उसके ससुराल में क्राइम सीन को फिर से तैयार किया। ट्विशा शर्मा की मौत के तीन दिन बाद भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 80(2), 85 और 3(5) के तहत, और साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत शुरुआती FIR दर्ज की गई थी। धारा 80(2) दहेज के कारण हुई मौत से जुड़ी है, धारा 85 पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ की गई क्रूरता से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) कई लोगों द्वारा मिलकर किए गए आपराधिक कामों से संबंधित है। CBI की चार्जशीट में BNS की धारा 108 भी शामिल है, जो आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है।

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