Edited By Ramanjot,Updated: 27 Jan, 2026 09:20 PM

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर सवर्ण संगठनों का विरोध लगातार तेज हो रहा है, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर से भी असहमति की आवाजें उठने लगी हैं।
नेशनल डेस्क: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर सवर्ण संगठनों का विरोध लगातार तेज हो रहा है, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर से भी असहमति की आवाजें उठने लगी हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से बीजेपी के लिए एक अहम झटका सामने आया है।
UGC नियमों के विरोध में महिला नेता ने छोड़ा पद
बीजेपी महिला मोर्चा की जिला मंत्री शशि तोमर ने मंगलवार, 27 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को व्हाट्सएप के माध्यम से अपना त्यागपत्र भेजा।
इस्तीफे में उन्होंने आरोप लगाया कि UGC के नए नियम सवर्ण समाज के छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं और इससे उनकी शैक्षणिक स्वतंत्रता सीमित होने का खतरा है।
संगठन से पुराना नाता
शशि तोमर ने अपने त्यागपत्र में बताया कि वे लंबे समय से भाजपा से जुड़ी रही हैं और चार बार पार्टी की सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं। इसके साथ ही वे पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में भी जनसेवा की भूमिका निभा चुकी हैं। छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता रही है और वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़कर मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में संगठनात्मक कार्य कर चुकी हैं।
“बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं”
UGC के नए प्रावधानों पर नाराजगी जताते हुए शशि तोमर ने इन्हें समाज विशेष के छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी समाज और राष्ट्र पर संकट आया, महिलाओं ने आगे बढ़कर संघर्ष किया। उनका कहना है कि अब शिक्षा और आने वाली पीढ़ी के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाना जरूरी हो गया है।
योगी सरकार को लेकर साफ रुख
हालांकि, शशि तोमर ने यह स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर उनका भरोसा बना हुआ है और वे आगे भी राज्य सरकार की नीतियों का समर्थन करती रहेंगी।
BJP की बढ़ती मुश्किलें
इस घटनाक्रम के बाद फिरोजाबाद की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। UGC नियमों को लेकर पार्टी के भीतर उभरता असंतोष भाजपा नेतृत्व के लिए नई चुनौती बनता नजर आ रहा है। फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार हो रहे विरोध और इस्तीफों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।