Edited By Radhika,Updated: 14 Mar, 2026 04:35 PM

देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर जारी अटकलों के बीच प्रशासन समय- समय पर लोगों को पैनिक न करने की सलाह दे रही है। वहीं Ministry of Petroleum ने साफ किया है कि पेट्रोल पंपों और खुदरा विक्रेताओं के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके...
LPG Crisis: देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर जारी अटकलों के बीच प्रशासन समय- समय पर लोगों को पैनिक न करने की सलाह दे रही है। वहीं Ministry of Petroleum ने साफ किया है कि पेट्रोल पंपों और खुदरा विक्रेताओं के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ ही, सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम विभाग ने ईंधन की खरीद और भंडारण के संबंध में नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
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खुले डिब्बों में पेट्रोल लेना पड़ सकता है महंगा
अधिकारियों ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे खुले बर्तनों, बोतलों या अनुपयुक्त प्लास्टिक के डिब्बों में ईंधन न लें। प्रशासन के अनुसार, असुरक्षित तरीके से ईंधन का भंडारण करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह अग्नि दुर्घटनाओं और सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरों को जन्म दे सकता है। सरकार ने अपील की है कि उपभोक्ता घबराहट में आकर घर में ईंधन जमा न करें।

पंप संचालकों को दिए कड़े निर्देश
देश भर के पेट्रोल पंप मालिकों और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे ईंधन वितरण के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। यदि कोई पंप संचालक असुरक्षित कंटेनरों में पेट्रोल या डीजल भरते हुए पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने सहित अन्य कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन को इन दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सुरक्षा ही प्राथमिकता
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रिफाइनरियों से लेकर रिटेल आउटलेट्स तक ईंधन की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल अपने वाहनों के टैंक में ही ईंधन भरवाएं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।