Edited By Ramkesh,Updated: 26 Jul, 2026 12:51 PM

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि यह प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इस...
नेशनल डेस्क: शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि यह प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि ''वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं।
उद्धव मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले, उनके चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच कथित रूप से आत्महत्या करने वाले 21 अभ्यर्थियों की याद में एक मिनट का मौन रखा। उद्धव ने कहा कि युवाओं ने अपनी एकता का प्रदर्शन करते हुए भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में ''स्वर्णिम अध्याय'' लिखा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन अब देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का रूप ले चुका है। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने कहा, ''लोग हमसे पूछते हैं कि जब चुनाव में अभी तीन साल का समय बचा है तो हम इस बारे में बात क्यों कर रहे हैं। इसका जवाब सीधा है।
मोदी को अब यह अहसास हो चुका है कि वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं।'' उन्होंने दावा किया, ''आज कोई चुनाव नहीं जीता गया है। देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है। यह एक बड़े संघर्ष की शुरुआत है। यह लड़ाई भाजपा और भारत के बीच है।'' मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सफलता ने साबित कर दिया है कि आज की 'जेन जेड' सरकार को चुनौती दे सकती है।
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस का आभार जताया और कहा कि पूरे देश ने ''महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच का अंतर'' देख लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का ''जश्न'' मनाने के लिए बड़ी संख्या में युवा, खासकर कॉलेज छात्र, राष्ट्रीय ध्वज लहराते और संविधान के पोस्टर थामे मुंबई के शिवाजी पार्क में एकत्र हुए। प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) ने 36 दिनों से जारी अपना प्रदर्शन वापस ले लिया।