Edited By Parveen Kumar,Updated: 25 Jul, 2026 06:11 PM

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए मांग की कि वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नयी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ''ज्यादतियों'' के लिए उनसे माफी मांगें।...
नेशनल डेस्क : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए मांग की कि वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नयी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ''ज्यादतियों'' के लिए उनसे माफी मांगें। प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री माफी मांगने के बजाय ''बेतुके वीडियो बनाने में व्यस्त हैं'' और इंस्टाग्राम पर ज्यादा दोस्त बनाने के लिए लोगों का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ''इस समय ऐसा किया जाना बेहद बेतुका है। यह बिल्कुल हास्यास्पद है।
पूरे भारत में युवाओं के सड़कों पर उतरने के लिए वही जिम्मेदार हैं। वह (मोदी) इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि युवाओं के खिलाफ इस तरह पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जैसे वे आतंकवादी हों।'' प्रियंका ने कहा, '' वह (प्रधानमंत्री मोदी) ही इसके लिए जिम्मेदार हैं।'' उन्होंने कहा कि उन्हें देश के सामने जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ''उन्हें संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए।
छात्रों की जो मांगें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक बदलाव करने होंगे।'' कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि व्यवस्था ने छात्रों को निराश किया है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान 152 प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा, ''व्यवस्था ने उन्हें (छात्रों को) तोड़ दिया है और उनके भविष्य को बर्बाद कर दिया है। जो भी व्यक्ति परीक्षा देना चाहता है, वह डरा हुआ है। अगर कोई प्रश्नपत्र लीक होता है, तो अमीर परिवार का बच्चा उसे 30-40 लाख रुपये में खरीद सकता है। बाकी छात्र क्या करेंगे? उनका अब इस व्यवस्था पर कोई भरोसा नहीं रह गया है और आप उन्हें उसी व्यवस्था से समाधान की पेशकश कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों से यह कहकर चिंता न करने के लिए कह रही थी कि वह कानून को और कड़ा करेगी।
प्रियंका ने कहा, ''कैसा कड़ा कानून? कौन सा विधेयक? वही विधेयक जो उन्होंने कुछ साल पहले पेश किया था। उन्होंने बस सजा बढ़ा दी है। अब हम देखेंगे कि उन्होंने वास्तव में क्या-क्या किया है।'' उन्होंने कहा कि कड़ा कानून बनाने संबंधी प्रधानमंत्री का आश्वासन काफी नहीं है, क्योंकि व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और छात्रों का इस पर से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा, ''अब केवल एक ही रास्ता बचा है कि इस व्यवस्था से बाहर निकलकर कदम उठाए जाएं। इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री को हिम्मत, साहस, जवाबदेही और नेतृत्व दिखाना होगा।''
प्रियंका ने कहा, ''नेतृत्व का मतलब यह है कि अगर उनका मंत्री जिम्मेदार है और उसकी नाक के नीचे 152 प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, तो वह उस मंत्री को बर्खास्त करें। इसे नेतृत्व कहते हैं।'' उन्होंने आरोप लगाया, ''नरेन्द्र मोदी की तरफ से कोई नेतृत्व नजर नहीं आ रहा है- वहां से बस कमजोर बहानेबाजी और बल प्रयोग ही देखने को मिल रहा है।''
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों के खिलाफ जितना चाहें बल प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि ''वे युवा हैं, बहादुर हैं, निष्ठावान हैं, हमारे संविधान में भरोसा रखते हैं और मानते हैं कि इस देश ने उन्हें अधिकार दिए हैं, जिनके लिए वे लड़ाई लड़ रहे हैं।'' कांग्रेस नेता ने कहा, ''यह देश उनका है। यह किसी और का नहीं है। यह युवाओं का है। यह उनका भविष्य है।'' प्रियंका ने कहा, ''संसद नरेन्द्र मोदी जी की नहीं है। यह भारत की जनता की है और भारत के लोग अपनी बात कह रहे हैं। उनकी बात सुनना उनकी (मोदी) जिम्मेदारी है।''