West Bengal Election 2026: चुनाव से पहले बंगाल में विवाद, भाजपा विधायक पर लगा सामान बांटने का आरोप

Edited By Updated: 16 Mar, 2026 06:05 PM

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। चुनाव आयोग द्वारा 15 मार्च को आचार संहिता लागू किए जाने के बाद ही पहला विवाद सामने आया है।

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। चुनाव आयोग द्वारा 15 मार्च को आचार संहिता लागू किए जाने के बाद ही पहला विवाद सामने आया है।

दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि चुनाव नियम लागू होने के बाद भी विधायक स्थानीय लोगों को सामान वितरित कर रहे थे।

टीएमसी ने इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में यह भाजपा के किसी विधायक के खिलाफ दर्ज की गई पहली शिकायत बताई जा रही है।

चुनाव के बाद क्यों नहीं बांट सकते सामान?

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होता है और आचार संहिता लागू होती है, उसके बाद कोई भी उम्मीदवार या जनप्रतिनिधि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी भी तरह के उपहार, नकद या सामान का वितरण नहीं कर सकता। ऐसा करने को चुनावी नियमों का उल्लंघन माना जाता है और संबंधित उम्मीदवार या दल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

क्या होता है आचार संहिता उल्लंघन?

  • आचार संहिता यानी Model Code of Conduct (MCC) का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाना होता है।
  • यदि कोई राजनीतिक दल, उम्मीदवार, मंत्री या सरकारी अधिकारी इन नियमों का पालन नहीं करता, तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।

इसके कुछ सामान्य उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में उपयोग
  • धर्म, जाति, भाषा या समुदाय के आधार पर वोट मांगना
  • नफरत फैलाने वाले बयान देना
  • बिना अनुमति के रैली, जुलूस या प्रचार कार्यक्रम आयोजित करना
  • मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उपहार या सामग्री बांटना

दो चरणों में होगा मतदान

चुनाव आयोग ने रविवार को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। इसके साथ ही राज्य में आचार संहिता तुरंत लागू हो गई।

पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा।

  • पहला चरण: 23 अप्रैल (152 सीटों पर मतदान)
  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल (142 सीटों पर मतदान)

दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे। राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है।

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