Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 May, 2026 09:54 AM

West Bengal ED Raid: पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी और अवैध पैसों के लेनदेन से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह कई जगहों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम मुर्शिदाबाद जिले के कांडी इलाके में कोलकाता पुलिस के पूर्व...
West Bengal ED Raid: पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी और अवैध पैसों के लेनदेन से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह कई जगहों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम मुर्शिदाबाद जिले के कांडी इलाके में कोलकाता पुलिस के पूर्व अधिकारी शांतनु सिन्हा विश्वास के पैतृक घर पहुंची, जहां घर कई दिनों से बंद मिला। इसके बाद अधिकारियों ने ताला तोड़कर अंदर जांच शुरू की। शांतनु सिन्हा विश्वास पहले कोलकाता के कालीघाट थाने में इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) और बाद में डिप्टी कमिश्नर (DC) के पद पर तैनात रह चुके हैं। फिलहाल वह जमीन से जुड़े कथित आर्थिक घोटाले और संदिग्ध लेनदेन के मामले में ED की हिरासत में बताए जा रहे हैं।
एक हफ्ते से बंद था घर
कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित उनका आलीशान पैतृक मकान पिछले करीब सात दिनों से बंद पड़ा था। स्थानीय लोगों के अनुसार घर में कोई मौजूद नहीं था। शांतनु की बहन गौरी सिन्हा विश्वास, जो कांडी नगर पालिका की उपाध्यक्ष हैं, वह भी मौके पर नहीं मिलीं। ED अधिकारियों ने पहले घर के बाहर और आसपास जानकारी जुटाई। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद टीम ने घर का ताला तोड़कर अंदर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने घर के अंदर मौजूद दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई कथित ‘सोना पप्पू’ नेटवर्क से जुड़े उगाही और अवैध आर्थिक लेनदेन की जांच का हिस्सा है। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे से कोलकाता और आसपास के इलाकों में कई टीमों ने एक साथ दबिश दी। जांच एजेंसी ने कोलकाता के रॉय स्ट्रीट स्थित एक होटल, एक कारोबारी के घर और कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के ठिकाने पर भी तलाशी ली। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रंगदारी नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी और पैसों का लेनदेन किस तरह किया गया।
ED टीम बैंक ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी डील, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है। हालांकि ED ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन लगातार हो रही छापेमारी से साफ है कि एजेंसी इस केस को गंभीरता से देख रही है।