Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 23 Mar, 2026 10:54 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले Election Commission of India ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने राज्य के 73 रिटर्निंग ऑफिसर्स (ROs) को हटाने का निर्देश जारी किया है।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले Election Commission of India ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने राज्य के 73 रिटर्निंग ऑफिसर्स (ROs) को हटाने का निर्देश जारी किया है। इनमें अधिकांश अधिकारी सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) स्तर के बताए जा रहे हैं। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और आमतौर पर हर सीट के लिए एक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त होता है। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर बदलाव को चुनाव से पहले अहम माना जा रहा है।
पहले भी कई जिलों में बदले गए अधिकारी
इससे पहले आयोग ने 11 जिलों में नए जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के निर्देश दिए थे। इनमें कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया, पूर्वी बर्दवान, 24 परगना, दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार जैसे जिले शामिल हैं। हटाए गए अधिकारियों को बाद में अन्य पदों पर समायोजित किया गया है।
चुनाव ऐलान के बाद लगातार फेरबदल
चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से ही Election Commission of India लगातार प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर बदलाव कर रहा है। राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया गया। कोलकाता पुलिस कमिश्नर, डीजी और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) में भी बदलाव, कई जिलों के डीएम और डीआईजी स्तर के अधिकारियों का ट्रांसफर। इन फैसलों को लेकर सत्ताधारी Trinamool Congress ने नाराजगी जताई है।
हाई कोर्ट में उठे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर वकील अर्क कुमार नाग ने Calcutta High Court में जनहित याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिकारियों के ट्रांसफर के पीछे के कारणों और आयोग के अधिकारों पर सवाल उठाए गए।
चुनाव आयोग का जवाब
आयोग की ओर से कोर्ट में कहा गया कि यह सभी कदम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं। आयोग के वकील के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों की परिस्थितियों के अनुसार फैसले लिए जाते हैं और अन्य जगहों पर भी ऐसे ट्रांसफर किए गए हैं।