पार्टी में फूट के दावों पर संजय राउत का बड़ा बयान- जब हमारा दिन आएगा, तो हम दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है

Edited By Updated: 16 Jun, 2026 05:28 PM

when our day comes we will show how a party is wrecked sanjay raut

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने अपनी पार्टी में एक और विभाजन की अटकलों से जुड़ी खबरों के बीच सोमवार को कहा, "जब हमारा दिन आएगा, तब हम दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।" राउत ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि...

नेशनल डेस्क: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने अपनी पार्टी में एक और विभाजन की अटकलों से जुड़ी खबरों के बीच सोमवार को कहा, "जब हमारा दिन आएगा, तब हम दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।" राउत ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि शिवसेना (उबाठा) के कुछ लोकसभा सदस्य पाला बदलने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा बनने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कोई संकट नहीं है। अगर कोई संकट आता है, तो हम उसे संभाल लेंगे।"

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राउत ने कहा कि उनकी पार्टी की 60 साल पुरानी विरासत है और उसका अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन करने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा, "हमने अतीत में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन हमारी पार्टी कार्यकर्ता-आधारित पार्टी है। विधायक और सांसद आते-जाते हैं, लेकिन पार्टी बनी रहती है। हमारा दिन जब आएगा, हम दिखाएंगे पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।" शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय देशमुख के वरिष्ठ शिवसेना नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मिलने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि इस मुलाकात की "गलत तस्वीर पेश की जा रही है" और सभी सांसद मजबूती से पार्टी के साथ खड़े हैं।

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शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा सदस्य अनिल देसाई ने भी इन अटकलों को खारिज कर दिया कि उनके कुछ साथी अलग गुट बना सकते हैं। देसाई ने कहा, "ऐसा कुछ भी नहीं है। पिछले डेढ़ साल में उद्धव ठाकरे जी ने कई बैठकें की हैं और सभी (सांसदों) ने उनमें हिस्सा लिया है।" उन्होंने पार्टी के सभी सांसदों के एकजुट होने का दावा करते हुए कहा, "पिछली बैठक में हममें से चार सदस्य व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि पांच अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जुड़े थे। वे 'मातोश्री' (मुंबई में उद्धव का आधिकारिक निवास) नहीं आ सके, क्योंकि उनके पहले से तय कार्यक्रम थे।"

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उद्धव नीत शिवसेना (उबाठा) ने पार्टी के सांसदों को अपने खेमे में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ओर से कथित तौर पर 'ऑपरेशन टाइगर' चलाए जाने की अटकलों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। मालूम हो कि अविभाजित शिवसेना का प्रतीक चिह्न एक बाघ था, जिसे पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने बनाया था। उद्धव ने रविवार को पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल चार (अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल) व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख बैठक से ऑनलाइन जुड़े थे।

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