कांग्रेस छोड़ने वाले युवा नेताओं की पार्टी में वापसी शर्मनाक होगा- जयराम रमेश का बड़ा बयान

Edited By Updated: 24 Jun, 2026 11:49 AM

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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि सत्ता और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का लाभ उठाने के बाद कांग्रेस छोड़ने वाले युवा नेताओं की पार्टी में कभी वापसी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने 'पीटीआई-वीडियो' को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि यह...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि सत्ता और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का लाभ उठाने के बाद कांग्रेस छोड़ने वाले युवा नेताओं की पार्टी में कभी वापसी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने 'पीटीआई-वीडियो' को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि यह उनकी निजी राय है। उनका कहना है कि इस तरह के नेताओं को कांग्रेस में फिर से शामिल करने के बारे में विचार करना भी ''शर्मनाक'' होगा। रमेश ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस में बने रहे लोग वैचारिक रूप से पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पार्टी को फिर से मजबूत देखना चाहते हैं।

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कांग्रेस नेता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ युवा नेताओं ने सत्ता और संगठन में लाभ उठाने के बाद कांग्रेस छोड़ दी तथा ऐसी पार्टी का रुख किया जिसकी विचारधारा कांग्रेस से ''बिल्कुल विपरीत'' है। यह पूछे जाने पर कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और मिलिंद देवड़ा सरीखे नेता भविष्य में कांग्रेस में वापसी की कोशिश करते हैं तो क्या उन्हें वापस लेना चाहिए, तो रमेश ने कहा, ''मैं किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बात नहीं करना चाहता, लेकिन जो लोग सत्ता और संगठन में विभिन्न पदों रहते हुए लाभ उठाने के बाद, पार्टी के सबसे बड़े लाभार्थी होने के बावजूद पार्टी छोड़कर चले गए, उनके लिए वापस आने पर विचार करना भी हमारे लिए शर्मनाक होगा।'' उनका कहना था, ''एक बात निश्चित है कि पिछले 12 वर्षों ने यह साबित कर दिया है कि कौन लोग वास्तव में दृढ़ संकल्प वाले और संघर्षशील हैं।

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आज कांग्रेस पार्टी में जो लोग हैं, वे वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हैं। वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से गहराई से जुड़े हुए हैं। वे चाहते हैं कि पार्टी फिर से मजबूत हो।'' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विशेष रूप से वे युवा लोग, जिन्होंने सत्ता का आनंद लिया, पदों और विशेषाधिकारों का लाभ उठाया, पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं, उन्होंने पार्टी छोड़कर ऐसी पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया जिसकी विचारधारा कांग्रेस की विचारधारा के बिल्कुल विपरीत है।'' उनका कहना था, ''क्या उन्हें वापस लिया जाना चाहिए? मैं इस बारे में अंतिम निर्णय लेने वाला व्यक्ति नहीं हूं। लेकिन उन्हें वापस नहीं लिया जाना चाहिए। यह मेरी निजी राय है।'' पिछले कुछ वर्षों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और आरपीएन सिंह जैसे कई ऐेसे नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, जो कभी कांग्रेस में प्रमुख चेहरे और राहुल गांधी के करीबी के रूप में देखे जाते थे। 

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