Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jul, 2026 11:20 AM

Cancer Causing 10 Things: कैंसर हमेशा किसी एक वजह से नहीं होता। कई बार इसके पीछे ऐसी कई चीज़ें होती हैं जो हमें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सामान्य लगती हैं, लेकिन लंबे समय तक संपर्क में रहने पर ये शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कैंसर पर रिसर्च करने...
Cancer Causing 10 Things: कैंसर हमेशा किसी एक वजह से नहीं होता। कई बार इसके पीछे ऐसी कई चीज़ें होती हैं जो हमें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सामान्य लगती हैं, लेकिन लंबे समय तक संपर्क में रहने पर ये शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कैंसर पर रिसर्च करने वाली विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एजेंसी IARC ने कुछ ऐसे जोखिम कारकों की पहचान की है, जिनके इंसानों में कैंसर से जुड़े होने के मजबूत वैज्ञानिक सबूत मिलते हैं। ये सभी चीज़ें अलग-अलग रूप में हमारे आसपास मौजूद हो सकती हैं- लाइफस्टाइल, पर्यावरण या संक्रमण के रूप में। ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वर्तिका विश्वानी के अनुसार, WHO ने कई ऐसे तत्वों को “ग्रुप 1 कार्सिनोजेन” की श्रेणी में रखा है, जिनके कैंसर से सीधे संबंध के मजबूत प्रमाण मिलते हैं। आईऐ जानते है WHO के अनुसार कैंसर का कारण बनने वाले टॉप 10 कारक...
1. तंबाकू और धूम्रपान उत्पाद
सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और चबाने वाले तंबाकू जैसे गुटखा व खैनी कैंसर के सबसे बड़े कारणों में गिने जाते हैं। ये आदतें मुंह, गले, फेफड़े, भोजन नली और यहां तक कि मूत्राशय जैसे अंगों में कैंसर का खतरा काफी बढ़ा देती हैं। भारत में यह समस्या विशेष रूप से गंभीर मानी जाती है।
2. शराब का सेवन
ज्यादा शराब पीने से शरीर के कई हिस्सों जैसे लीवर, मुंह, गला, स्तन और आंतों में कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शराब की कोई मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।
3. प्रोसेस्ड मीट
सॉसेज, बेकन और सलामी जैसे प्रसंस्कृत मांस को कैंसर के जोखिम से जोड़ा गया है। इनके नियमित सेवन से खासकर बड़ी आंत (कोलोरेक्टल) कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
4. एस्बेस्टस (Asbestos)
यह एक खतरनाक पदार्थ है जो पहले निर्माण कार्यों में खूब इस्तेमाल होता था। इसके महीन कण सांस के जरिए शरीर में जाकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और गंभीर प्रकार के कैंसर, जैसे मेसोथेलियोमा, का कारण बन सकते हैं।
5. UV किरणें (सूर्य की किरणें)
तेज धूप या टैनिंग उपकरणों से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों के लंबे संपर्क से त्वचा कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन और ढकने वाले कपड़े जरूरी हैं।
6. वायु प्रदूषण
बाहरी हवा में मौजूद प्रदूषण कण लंबे समय तक शरीर में प्रवेश करते रहें तो यह फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे गंभीर जोखिम माना है।
7. डीजल वाहनों का धुआं
डीजल इंजन से निकलने वाला धुआं भी कैंसर पैदा करने वाले तत्वों में शामिल है। इससे लगातार संपर्क में रहने वाले लोगों में फेफड़ों की बीमारी और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
8. आर्सेनिक युक्त पानी
कुछ जगहों पर पीने के पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक पाई जाती है। ऐसा पानी लंबे समय तक पीने से त्वचा, फेफड़ों और मूत्राशय से जुड़े कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
9. हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण
ये वायरस लीवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं और लंबे समय तक रहने पर लीवर कैंसर का कारण बन सकते हैं। टीकाकरण और समय पर इलाज से इस खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।
10. सुपारी का सेवन
पान मसाले या अकेली सुपारी चबाने की आदत भी कैंसर का जोखिम बढ़ाती है। IARC के अनुसार, यह खासकर मुंह, जीभ और गले को प्रभावित कर सकती है। अगर इसमें तंबाकू भी मिला हो तो नुकसान कई गुना अधिक हो जाता है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। हम किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)