Edited By Pardeep,Updated: 25 Jun, 2026 11:12 PM

भारत में कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक नई उम्मीद जगी है। अमेरिकी फार्मा कंपनी एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly) ने अपनी आधुनिक कैंसर रोधी दवा 'टैनस्ट्राइव' (Tanstrive) को भारतीय बाजार में उतार दिया है।
नेशनल डेस्कः भारत में कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक नई उम्मीद जगी है। अमेरिकी फार्मा कंपनी एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly) ने अपनी आधुनिक कैंसर रोधी दवा 'टैनस्ट्राइव' (Tanstrive) को भारतीय बाजार में उतार दिया है। यह दवा उन मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरी है, जिनके कैंसर का मुख्य कारण RET नाम के जीन में होने वाला बदलाव (म्यूटेशन) है।
कैसे काम करती है यह दवा?
पारंपरिक कीमोथेरेपी के विपरीत, जो शरीर की सभी कोशिकाओं पर असर डालती है, टैनस्ट्राइव एक सटीक उपचार (Targeted Therapy) है। यह सीधे उन गलत संकेतों को रोकने का काम करती है जो RET जीन म्यूटेशन के कारण कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने के लिए मिलते हैं। आसान शब्दों में कहें तो यह दवा बीमारी की जड़ पर हमला कर ट्यूमर की बढ़त को धीमा कर सकती है।
इलाज का खर्च और डोज
बाजार में यह दवा चार अलग-अलग डोज (40 mg, 80 mg, 120 mg और 160 mg) में उपलब्ध कराई गई है। मरीज को इसे दिन में दो बार लेना होता है। हालांकि, इस आधुनिक तकनीक की कीमत काफी अधिक है। कंपनी के अनुसार, इसके एक बॉक्स की कीमत करीब 2.15 लाख रुपये है, जिसमें 14 दिनों के इलाज की दवा होती है।
बदल रहा है इलाज का तरीका
कैंसर के उपचार में अब 'जीन-आधारित' और 'लक्षित' पद्धतियों का महत्व बढ़ रहा है। एली लिली इंडिया के अध्यक्ष विंसलो टकर का मानना है कि टैनस्ट्राइव जैसी दवाएं भारतीय मरीजों को आधुनिक इलाज का एक नया और प्रभावी विकल्प प्रदान करेंगी। आजकल डॉक्टर भी इलाज शुरू करने से पहले मरीज के जीन की जांच करते हैं ताकि यह तय किया जा सके कि कौन सी दवा सबसे ज्यादा कारगर होगी।
भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच इस तरह की दवाओं का आना चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।