Edited By Parveen Kumar,Updated: 02 Feb, 2026 12:43 AM

उत्तराखंड के कोटद्वार से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। वीडियो में कुछ संगठन से जुड़े कार्यकर्ता एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताते नजर आ रहे हैं। यह दुकान एक मुस्लिम व्यापारी की है, जो बीते तीन दशकों से उसी...
नेशनल डेस्क : उत्तराखंड के कोटद्वार से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। वीडियो में कुछ संगठन से जुड़े कार्यकर्ता एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताते नजर आ रहे हैं। यह दुकान एक मुस्लिम व्यापारी की है, जो बीते तीन दशकों से उसी नाम से अपना कारोबार चला रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कार्यकर्ता दुकान के नाम में इस्तेमाल किए गए एक शब्द को लेकर दबाव बनाते हैं और नाम बदलने की मांग करते हैं। इसी दौरान दीपक नाम का एक युवक मौके पर पहुंचता है और विरोध कर रहे लोगों से बहस करता है। दीपक की यह दखल अब उसके लिए मुसीबत बन गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ टकराव
दुकान के बाहर हुई बहस का वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला केवल स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रहा। दीपक का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। कुछ लोग रोज दुकान और उसके घर के आसपास प्रदर्शन कर रहे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं।
राहुल गांधी का समर्थन, बोले- नफरत के खिलाफ खड़ा एक चेहरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक की खुलकर तारीफ की है। सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने दीपक को “भारत का हीरो” बताते हुए लिखा कि वह संविधान और इंसानियत के पक्ष में खड़े हैं। राहुल गांधी ने कहा कि नफरत के माहौल में दीपक जैसे लोग मोहब्बत और साहस की मिसाल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में डर और विभाजन का माहौल जानबूझकर बनाया जा रहा है.
“डरो मत, हम तुम्हारे साथ हैं”
अपने संदेश में राहुल गांधी ने दीपक को हौसला देते हुए लिखा कि डर और नफरत से कोई देश आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे और लोगों की जरूरत है जो दबाव के आगे न झुकें। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने भी दीपक से संपर्क कर समर्थन जताया है।
कौन हैं दीपक, और क्यों बढ़ी मुश्किलें
दीपक का पूरा नाम दीपक अक्की कुमार बताया जा रहा है। वह कोटद्वार का रहने वाला है और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर चुका है। सोशल मीडिया पर वह फिटनेस और जिम से जुड़े वीडियो साझा करता है। दीपक का आरोप है कि विवाद के बाद बाहरी लोग कोटद्वार आकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। उसने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।
दुकान के नाम से शुरू हुआ विवाद, सड़कों तक पहुंचा
पूरा विवाद 26 जनवरी को शुरू हुआ, जब पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान पर कुछ कार्यकर्ता पहुंचे और दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि यह नाम स्थानीय धार्मिक आस्था से जुड़ा है। कोटद्वार में स्थित प्रसिद्ध सिद्धबली धाम का हवाला भी दिया गया।
भारी पुलिस बल तैनात
मामले के तूल पकड़ने के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार में प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।