Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Sep, 2026 04:16 PM

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कमजोर करने और ''अराजकता व अव्यवस्था'' के बीज बोने की...
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कमजोर करने और ''अराजकता व अव्यवस्था'' के बीज बोने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
फडणवीस ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबरों को खारिज किया और कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
कांग्रेस और कई अन्य दलों तथा संगठनों ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक हालिया खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। खबर में दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में औपचारिक आपत्ति जताई थी। 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा, ''मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि कोई वोट चोरी नहीं हुई है। राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।
मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वह ऐसी समिति बनाएं, जो उनका दिमाग वापस ला सके, ताकि वह देश के हित में बोलें। उन्हें सही और सच बोलना चाहिए।'' उन्होंने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष संविधान की प्रति हाथ में रखते हैं, लेकिन अधिक से अधिक संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना चाहते हैं, ताकि लोगों के मन में संदेह पैदा हो और उनका इन संस्थाओं से भरोसा खत्म हो। उन्होंने दावा किया कि ''ऐसी अराजकता की स्थिति पैदा करके वह लोगों को यह महसूस कराना चाहते हैं कि संविधान द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था उन्हें न्याय नहीं दे सकती।''