Edited By Rahul Rana,Updated: 21 Apr, 2026 05:12 PM

Elanpro और HCF के सहयोग से “सक्षम” पहल का दिल्ली में आयोजन हुआ, जिसमें 125 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और करियर मार्गदर्शन देना रहा। भारत के फूड सर्विस और हॉस्पिटैलिटी...
(वेब डेस्क): Elanpro और HCF के सहयोग से “सक्षम” पहल का दिल्ली में आयोजन हुआ, जिसमें 125 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और करियर मार्गदर्शन देना रहा। भारत के फूड सर्विस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के उद्योग विशेषज्ञ, नियामक और संचालक सक्षम कार्यक्रम में एकत्र हुए।
कार्यक्रम के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में HoReCa और F&B सेक्टर के प्रतिनिधियों ने बताया कि ऊर्जा लागत में वृद्धि, इनपुट लागत में अस्थिरता और घटते मार्जिन अब दैनिक संचालन से जुड़े निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं।
इस संदर्भ में संजय जैन, निदेशक, एलानप्रो ने कहा:“अब समय है कि व्यवसाय केवल इरादों से आगे बढ़कर वास्तविक क्रियान्वयन पर ध्यान दें। सक्षम इसी बदलाव को संभव बनाने का प्रयास है—जहां विशेषज्ञता, ढांचा और उद्योग संवाद के माध्यम से अधिक संरचित और स्थायी संचालन को बढ़ावा दिया जाता है।”
जैसे-जैसे नियामकीय अपेक्षाएं बदल रही हैं, फोकस केवल नियमों के पालन से हटकर मजबूत और टिकाऊ सिस्टम बनाने की ओर बढ़ रहा है। इस पर अपनी बात रखते हुए Pawan Agarwal, सीईओ, फूड फ्यूचर फाउंडेशन और पूर्व सीईओ, Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने कहा: “उच्च दबाव वाले माहौल में समस्या जानबूझकर नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि क्रियान्वयन में असंगतता होती है।
वही Rahul Singh, संस्थापक एवं सीईओ, द बीयर कैफे और ट्रस्टी, NRAI ने कहा, “इस सेक्टर में विकास अनुशासन की कीमत पर नहीं हो सकता। लागत बढ़ने के साथ तय प्रक्रियाओं और नियामकीय सीमाओं के भीतर काम करना और भी जरूरी हो जाता है।”